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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 22/569 / 570

510मत्त व्यक्ति द्वारा लोक स्थान में अवचार

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 99स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जो कोई मत्तता की हालत में किसी लोक स्थान में, या किसी ऐसे स्थान में, जिसमें उसका प्रवेश करना अतिचार हो, आएगा और वहां इस प्रकार का आचरण करेगा जिससे किसी व्यक्ति को क्षोभ हो, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि चौबीस घंटे तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

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