भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 18/235 / 531
235समय, स्थान और व्यक्ति के बारे में विशिष्टियां
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 261स्रोत
(1) अभिकथित अपराध के समय और स्थान के बारे में और जिस व्यक्ति के (यदि कोई हो) विरुद्ध या जिस वस्तु के (यदि कोई हो) विषय में वह अपराध किया गया उस व्यक्ति या वस्तु के बारे में ऐसी विशिष्टियां, जैसी अभियुक्त को उस बात की, जिसका उस पर आरोप है, सूचना देने के लिए उचित रूप से पर्याप्त हैं, आरोप में अंतर्विष्ट होंगी ।
(2) जब अभियुक्त पर आपराधिक न्यास-भंग या बेईमानी से धन या अन्य चल संपत्ति के दुर्विनियोग का आरोप है तब इतना ही पर्याप्त होगा कि विशिष्ट मदों का जिनके विषय में अपराध किया जाना अभिकथित है, या अपराध करने की ठीक-ठीक तारीखों का विनिर्देश किए बिना, उस सकल राशि का विनिर्देश या उस चल संपत्ति का वर्णन कर दिया जाता है जिसके विषय में अपराध किया जाना अभिकथित है, और उन तारीखों का, जिनके बीच में अपराध का किया जाना अभिकथित है, विनिर्देश कर दिया जाता है और ऐसे विरचित आरोप धारा 242 के अर्थ में एक ही अपराध का आरोप समझा जाएगा :
परंतु ऐसी तारीखों में से पहली और अंतिम के बीच का समय एक वर्ष से अधिक का न होगा ।
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