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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 18/242 / 531

242एक ही वर्ष में किए गए एक किस्म के अपराधों का आरोप एक साथ लगाया जा सके

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 264स्रोत

(1) जब किसी व्यक्ति पर एक ही किस्म के ऐसे एक से अधिक अपराधों का अभियोग है, ऐसे अपराधों में से पहले अपराध से लेकर अंतिम अपराध, बारह मास के भीतर ही किए गए हैं, चाहे वे एक ही व्यक्ति के बारे में किए गए हों या नहीं, तब उस पर उनमें से पांच से अनधिक कितने ही अपराधों के लिए एक ही विचारण में आरोप लगाया और विचारण किया जा सकता है ।

(2) अपराध एक ही किस्म के तब होते हैं जब वे भारतीय न्याय संहिता, 2023 या किसी विशेष या स्थानीय विधि की एक ही धारा के अधीन समान दंड से दंडनीय होते हैं :

परंतु इस धारा के प्रयोजनों के लिए यह समझा जाएगा कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 303 की उपधारा (2) के अधीन दंडनीय अपराध उसी किस्म का अपराध है जिस किस्म का उक्त संहिता की धारा 305 के अधीन दंडनीय अपराध है, और भारतीय न्याय संहिता, 2023 या किसी विशेष या स्थानीय विधि की किसी धारा के अधीन दंडनीय अपराध उसी किस्म का अपराध है जिस किस्म का ऐसे अपराध करने का प्रयत्न है, जब ऐसा प्रयत्न ही अपराध हो ।

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