भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 18/246 / 531
246किन व्यक्तियों पर संयुक्त रूप से आरोप लगाया जा सकेगा
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 268–269स्रोत
निम्नलिखित व्यक्तियों पर एक साथ आरोप लगाया जा सकेगा और उनका एक साथ विचारण किया जा सकेगा, अर्थात् :—
(क) वे व्यक्ति, जिन पर एक ही संव्यवहार के अनुक्रम में किए गए एक ही अपराध का अभियोग है ;
(ख) वे व्यक्ति, जिन पर किसी अपराध का अभियोग है और वे व्यक्ति, जिन पर ऐसे अपराध का दुष्प्रेरण या प्रयत्न करने का अभियोग है ;
(ग) वे व्यक्ति, जिन पर बारह मास की अवधि के भीतर संयुक्त रूप में उनके द्वारा किए गए धारा 242 के अर्थातर्गत एक ही किस्म के एक से अधिक अपराधों का अभियोग है ;
(घ) वे व्यक्ति, जिन पर एक ही संव्यवहार के अनुक्रम में दिए गए भिन्न अपराधों का अभियोग है;
(ङ) वे व्यक्ति, जिन पर ऐसे अपराध का, जिसके अन्तर्गत चोरी, उद्दीपन, छल या आपराधिक दुर्विनियोग भी है, अभियोग है और वे व्यक्ति, जिन पर ऐसी संपत्ति को, जिसका कब्जा प्रथम नामित व्यक्तियों द्वारा किए गए किसी ऐसे अपराध द्वारा अन्तरित किया जाना अभिकथित है, प्राप्त करने या रखे रखने या उसके व्ययन या छिपाने में सहायता करने का या किसी ऐसे अंतिम नामित अपराध का दुष्प्रेरण या प्रयत्न करने का अभियोग है ;
(च) वे व्यक्ति, जिन पर ऐसी चुराई हुई संपत्ति के बारे में, जिसका कब्जा एक ही अपराध द्वारा अंतरित किया गया है, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 317 की उपधारा (2) और उपधारा (5) के, या उन धाराओं में से किसी के अधीन अपराधों का अभियोग है ;
(छ) वे व्यक्ति, जिन पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अध्याय 10 के अधीन कूटकृत सिक्के के संबंध में किसी अपराध का अभियोग है और वे व्यक्ति जिन पर उसी सिक्के के संबंध में उक्त अध्याय के अधीन किसी भी अन्य अपराध का या किसी ऐसे अपराध का दुष्प्रेरण या प्रयत्न करने का अभियोग है ; और इस अध्याय के पूर्ववर्ती भाग के उपबंध सब ऐसे आरोपों को यथाशक्य लागू होंगे :
परन्तु जहां अनेक व्यक्तियों पर पृथक् अपराधों का आरोप लगाया जाता है और वे व्यक्ति इस धारा में विनिर्दिष्ट कोटियों में से किसी में नहीं आते हैं वहां मजिस्ट्रेट या सेशन न्यायालय ऐसे सब व्यक्तियों का विचारण एक साथ कर सकता है यदि ऐसे व्यक्ति लिखित आवेदन द्वारा ऐसा चाहते हैं और मजिस्ट्रेट या सेशन न्यायालय का समाधान हो जाता है कि उससे ऐसे व्यक्तियों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा और ऐसा करना समीचीन है ।
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