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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 29/400 / 531

400असंज्ञेय मामलों में खर्चा देने के लिए आदेश

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 329स्रोत

(1) जब कभी किसी असंज्ञेय अपराध का कोई परिवाद न्यायालय में किया जाता है तब, यदि न्यायालय अभियुक्त को दोषसिद्ध कर देता है तो, वह अभियुक्त पर अधिरोपित शास्ति के अतिरिक्त उसे यह आदेश दे सकेगा कि वह परिवादी को अभियोजन में उसके द्वारा किए गए खर्चे पूर्णतः या अंशतः दे और यह अतिरिक्त आदेश दे सकेगा कि उसे देने में चूक करने पर अभियुक्त तीस दिन से अनधिक की अवधि के लिए सादा कारावास भोगेगा और ऐसे खर्चों के अन्तर्गत आदेशिका फीस, साक्षियों और अधिवक्ताओं की फीस के संबंध में किए गए कोई व्यय भी हो सकेंगे जिन्हें न्यायालय उचित समझे ।

(2) इस धारा के अधीन आदेश किसी अपील न्यायालय द्वारा, या उच्च न्यायालय या सेशन न्यायालय द्वारा भी किया जा सकेगा जब वह अपनी पुनरीक्षण शक्तियों का प्रयोग कर रहा हो ।

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