भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 8/121 / 170
121विबंध
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 520–521स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्दजब एक व्यक्ति ने अपनी घोषणा, कार्य या लोप द्वारा अन्य व्यक्ति को विश्वास साशय कराया है या कर लेने दिया है कि कोई बात सत्य है और ऐसे विश्वास पर कार्य कराया या करने दिया है, तब न तो उसे और न उसके प्रतिनिधि को अपने और ऐसे व्यक्ति के, या उसके प्रतिनिधि के बीच किसी वाद या कार्यवाही में उस वाद की सत्यता को इंकार करने दिया जाएगा ।
दृष्टांत
क साशय और मिथ्या रूप से ख को यह विश्वास करने के लिए प्रेरित करता है कि अमुक भूमि क की है, और उसके द्वारा ख को उसे क्रय करने और उसका मूल्य चुकाने के लिए उत्प्रेरित करता है । तत्पश्चात् भूमि क की संपत्ति हो जाती है, और क इस आधार पर कि विक्रय के समय उसका उसमें हक नहीं था विक्रय अपास्त करने की वांछा करता है । उसे अपने हक का अभाव साबित नहीं करने दिया जाएगा ।
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