हिंदी में, धारा-दर-धारा
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की हर धारा का आधिकारिक हिंदी पाठ। भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 से इसकी धाराओं का मिलान जल्द।
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023
धाराएं170
अध्याय12
पाठ उपलब्ध170
सत्यापित0
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 से धाराओं का मिलान अभी बाकी है। हर पाठ आधिकारिक PDF से लिया गया है; "सत्यापित" धाराएं उससे मिलाकर जांची जा चुकी हैं।यह पाठ कैसे बना
धारा 1 से पढ़ेंअध्याय 1 — प्रारंभिक2
अध्याय 2 — तथ्यों की सुसंगति48
धारा 3विवाद्यक तथ्यों और सुसंगत तथ्यों का साक्ष्य दिया जा सकेगाधारा 4एक ही संव्यवहार के भाग होने वाले तथ्यों की सुसंगतिधारा 5वे तथ्य, जो विवाद्यक तथ्यों या सुसंगत तथ्यों के प्रसंग, हेतुक या परिणाम हैंधारा 6हेतु, तैयारी और पूर्व का या पश्चात् का आचरणधारा 7विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्यों के स्पष्टीकरण या पुरःस्थापन के लिए आवश्यक तथ्यधारा 8सामान्य परिकल्पना के बारे में षड्यंत्रकारी द्वारा कही गई या की गई बातेंधारा 9वे तथ्य जो अन्यथा सुसंगत नहीं हैं कब सुसंगत हैंधारा 10रकम अवधारित करने के लिए न्यायालय को समर्थ करने की प्रवृत्ति रखने वाले तथ्य नुकसानी के लिए वादों में सुसंगत हैंधारा 11जब अधिकार या रूढ़ि प्रश्नगत है, तब सुसंगत तथ्यधारा 12मन या शरीर की दशा या शारीरिक संवेदना का अस्तित्व दर्शित करने वाले तथ्यधारा 13कार्य आकस्मिक या साशय था इस प्रश्न पर प्रकाश डालने वाले तथ्यधारा 14कारबार के अनुक्रम का अस्तित्व कब सुसंगत हैधारा 15स्वीकृति की परिभाषाधारा 16कार्यवाही के पक्षकार या उसके अभिकर्ता द्वारा स्वीकृतिधारा 17उन व्यक्तियों द्वारा स्वीकृतियां जिनकी स्थिति वाद के पक्षकारों के विरुद्ध साबित की जानी चाहिएधारा 18वाद के पक्षकार द्वारा अभिव्यक्त रूप से निर्दिष्ट व्यक्तियों द्वारा स्वीकृतियांधारा 19स्वीकृतियों का उन्हें करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध और उनके द्वारा या उनकी ओर से साबित किया जानाधारा 20दस्तावेजों की अन्तर्वस्तु के बारे में मौखिक स्वीकृतियां कब सुसंगत होती हैंधारा 21सिविल मामलों में स्वीकृतियां कब सुसंगत होती हैंधारा 22उत्प्रेरणा, धमकी, प्रपीड़न या वचन द्वारा कराई गई संस्वीकृति, दाण्डिक कार्यवाही में कब विसंगत होती हैधारा 23पुलिस अधिकारी से की गई संस्वीकृतिधारा 24साबित संस्वीकृति को, जो उसे करने वाले व्यक्ति और एक ही अपराध के लिए संयुक्त रूप से विचारित अन्य को प्रभावित करती है, विचार में लेनाधारा 25स्वीकृतियां निश्चायक सबूत नहीं हैं, किंतु विबंध कर सकेगीधारा 26वे दशाएं जिनमें उस व्यक्ति द्वारा सुसंगत तथ्य का किया गया कथन सुसंगत है, जो मर गया है या मिल नहीं सकता, आदिधारा 27किसी साक्ष्य में कथित तथ्यों की सत्यता को पश्चात्वर्ती कार्यवाही में साबित करने के लिए उस साक्ष्य की सुसंगतिधारा 28लेखा-पुस्तकों की प्रविष्टियां कब सुसंगत हैंधारा 29कर्तव्य-पालन में की गई लोक अभिलेख या इलैक्ट्रानिक अभिलेख की प्रविष्टि की सुसंगतिधारा 30मानचित्रों, चार्टों और रेखांकों के कथनों की सुसंगतिधारा 31कतिपय अधिनियमों या अधिसूचनाओं में अन्तर्विष्ट लोक प्रकृति के तथ्य के बारे में कथन की सुसंगतिधारा 32विधि की पुस्तकों में अन्तर्विष्ट किसी विधि के कथनों की सुसंगति, जिसके अंतर्गत इलैक्ट्रानिक या डिजिटल प्ररूप भी हैधारा 33जब कथन किसी बातचीत, दस्तावेज, इलैक्ट्रानिक अभिलेख, पुस्तक या पत्रों या कागज-पत्रों की आवली का भाग है, तब क्या साक्ष्य दिया जाएधारा 34द्वितीय वाद या विचारण के वर्जन के लिए पूर्व निर्णय सुसंगत हैंधारा 35संप्रमाण, आदि विषयक अधिकारिता के कतिपय निर्णयों की सुसंगतिधारा 36धारा 35 में वर्णित से भिन्न निर्णयों, आदेशों या डिक्रियों की सुसंगति और उसका प्रभावधारा 37धारा 34, धारा 35 और धारा 36 में वर्णित से भिन्न निर्णय, आदि कब सुसंगत हैंधारा 38निर्णय अभिप्राप्त करने में कपट या सांठ-गांठ या न्यायालय की अक्षमता साबित की जा सकेगीधारा 39विशेषज्ञों की रायेंधारा 40विशेषज्ञों की रायों से संबंधित तथ्यधारा 41हस्तलेख और हस्ताक्षर के बारे में राय कब सुसंगत हैधारा 42साधारण रूढ़ि या अधिकार के अस्तित्व के बारे में राय कब सुसंगत हैधारा 43प्रथाओं, सिद्धान्तों, आदि के बारे में राय कब सुसंगत हैधारा 44नातेदारी के बारे में राय कब सुसंगत हैधारा 45राय के आधार कब सुसंगत हैंधारा 46सिविल मामलों में लांछित आचरण साबित करने वाला शील विसंगत हैधारा 47दाण्डिक मामलों में पूर्वतन अच्छा शील सुसंगत हैधारा 48कतिपय मामलों में शील या पूर्व लैंगिक अनुभव के साक्ष्य का सुसंगत न होनाधारा 49उत्तर में होने के सिवाय पूर्वतन बुरा शील सुसंगत नहीं हैधारा 50नुकसानी पर प्रभाव डालने वाला शील
अध्याय 3 — तथ्य, जिनका साबित किया जाना आवश्यक नहीं है3
अध्याय 4 — मौखिक साक्ष्य के विषय में2
अध्याय 5 — दस्तावेजी साक्ष्य के विषय में38
धारा 56दस्तावेजों की अन्तर्वस्तु का सबूतधारा 57प्राथमिक साक्ष्यधारा 58द्वितीयक साक्ष्यधारा 59प्राथमिक साक्ष्य द्वारा दस्तावेजों का साबित किया जानाधारा 60वे दशाएं, जिनमें दस्तावेजों के संबंध में द्वितीयक साक्ष्य दिया जा सकेगाधारा 61इलैक्ट्रानिक या डिजिटल अभिलेखधारा 62इलैक्ट्रानिक अभिलेख से संबंधित साक्ष्य के बारे में विशेष उपबंधधारा 63इलैक्ट्रानिक अभिलेखों की ग्राह्यताधारा 64प्रस्तुत करने की सूचना के बारे में नियमधारा 65उस व्यक्ति के हस्ताक्षर या हस्तलेख का साबित किया जाना जिसके बारे में अभिकथित है कि उसने प्रस्तुत किए गए दस्तावेज को हस्ताक्षरित किया था या लिखा थाधारा 66इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर के बारे में सबूतधारा 67ऐसे दस्तावेज के निष्पादन का साबित किया जाना, जिसका अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित हैधारा 68जब किसी भी अनुप्रमाणक साक्षी का पता न चले, तब सबूतधारा 69अनुप्रमाणित दस्तावेज के पक्षकार द्वारा निष्पादन की स्वीकृतिधारा 70जब अनुप्रमाणक साक्षी निष्पादन से इंकार करता है, तब सबूतधारा 71उस दस्तावेज का साबित किया जाना जिसका अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित नहीं हैधारा 72हस्ताक्षर, लेख या मुद्रा की तुलना अन्य से करना जो स्वीकृत या साबित हैंधारा 73डिजिटल हस्ताक्षर के सत्यापन के बारे में सबूतधारा 74लोक और प्राइवेट दस्तावेजधारा 75लोक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियांधारा 76प्रमाणित प्रतियों को प्रस्तुत करने के द्वारा दस्तावेजों का सबूतधारा 77अन्य शासकीय दस्तावेजों का सबूतधारा 78प्रमाणित प्रतियों के असली होने के बारे में उपधारणाधारा 79साक्ष्य, आदि के अभिलेख के रूप में प्रस्तुत दस्तावेजों के बारे में उपधारणाधारा 80राजपत्रों, समाचारपत्रों और अन्य दस्तावेजों के बारे में उपधारणाधारा 81इलैक्ट्रानिक या डिजिटल अभिलेख में राजपत्रों के बारे में उपधारणाधारा 82सरकार के प्राधिकार द्वारा बनाए गए मानचित्रों या रेखांकों के बारे में उपधारणाधारा 83विधियों के संग्रह और विनिश्चयों की रिपोर्टों के बारे में उपधारणाधारा 84मुख्तारनामों के बारे में उपधारणाधारा 85इलैक्ट्रानिक करारों के बारे में उपधारणाधारा 86इलैक्ट्रानिक अभिलेखों और इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षरों के बारे में उपधारणाधारा 87इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर प्रमाणपत्रों के बारे में उपधारणाधारा 88विदेशी न्यायिक अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियों के बारे में उपधारणाधारा 89पुस्तकों, मानचित्रों और चार्टों के बारे में उपधारणाधारा 90इलैक्ट्रानिक संदेशों के बारे में उपधारणाधारा 91प्रस्तुत नहीं किए गए दस्तावेजों के सम्यक् निष्पादन, आदि के बारे में उपधारणाधारा 92तीस वर्ष पुराने दस्तावेजों के बारे में उपधारणाधारा 93पांच वर्ष पुराने इलैक्ट्रानिक अभिलेखों के बारे में उपधारणा
अध्याय 6 — दस्तावेजी साक्ष्य द्वारा मौखिक साक्ष्य के अपवर्जन के विषय में10
धारा 94दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध संविदाओं, अनुदानों और संपत्ति के अन्य व्ययनों के निबन्धनों का साक्ष्यधारा 95मौखिक करार के साक्ष्य का अपवर्जनधारा 96संदिग्ध दस्तावेज को स्पष्ट करने या उसका संशोधन करने के साक्ष्य का अपवर्जनधारा 97विद्यमान तथ्यों को दस्तावेज के लागू होने के विरुद्ध साक्ष्य का अपवर्जनधारा 98विद्यमान तथ्यों के संदर्भ में अर्थहीन दस्तावेज के बारे में साक्ष्यधारा 99उस भाषा के लागू होने के बारे में साक्ष्य, जो कई व्यक्तियों में से केवल एक को लागू हो सकती हैधारा 100तथ्यों के दो संवर्गों में से जिनमें से किसी एक को भी वह भाषा पूरी की पूरी ठीक-ठीक लागू नहीं होती, उसमें से एक को भाषा के लागू होने के बारे में साक्ष्यधारा 101अपठनीय लिपि, आदि के अर्थ के बारे में साक्ष्यधारा 102दस्तावेज के निबन्धनों में फेर-फार करने वाले करार का साक्ष्य कौन दे सकेगाधारा 103भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के वसीयत सम्बन्धी उपबन्धों की व्यावृत्ति
अध्याय 7 — सबूत के भार के विषय में17
धारा 104सबूत का भारधारा 105सबूत का भार किस पर होता हैधारा 106विशिष्ट तथ्य के बारे में सबूत का भारधारा 107साक्ष्य को ग्राह्य बनाने के लिए साबित किए जाने वाले तथ्य को साबित करने का भारधारा 108यह साबित करने का भार कि अभियुक्त का मामला अपवादों के अन्तर्गत आता हैधारा 109विशेषतः ज्ञात तथ्य को साबित करने का भारधारा 110उस व्यक्ति की मृत्यु साबित करने का भार जिसका तीस वर्ष के भीतर जीवित होना ज्ञात हैधारा 111यह साबित करने का भार कि वह व्यक्ति, जिसके बारे में सात वर्ष से कुछ सुना नहीं गया है, जीवित हैधारा 112भागीदारों, भू-स्वामी और किराएदार, मालिक और अभिकर्ता के मामलों में सबूत का भारधारा 113स्वामित्व के बारे में सबूत का भारधारा 114उन संव्यवहारों में सद्भाव का साबित किया जाना जहां एक पक्षकार का संबंध सक्रिय विश्वास का हैधारा 115कतिपय अपराधों के बारे में उपधारणाधारा 116विवाहित स्थिति के दौरान जन्म होना धर्मजत्व का निश्चायक सबूत हैधारा 117किसी विवाहित महिला द्वारा आत्महत्या के दुष्प्रेरण के बारे में उपधारणाधारा 118दहेज मृत्यु के बारे में उपधारणाधारा 119न्यायालय कतिपय तथ्यों का अस्तित्व उपधारित कर सकेगाधारा 120बलात्संग के लिए कतिपय अभियोजन में सम्मति के न होने की उपधारणा
अध्याय 8 — विबन्ध3
अध्याय 9 — साक्षियों के विषय में16
धारा 124कौन साक्ष्य दे सकेगाधारा 125साक्षी का मौखिक रूप से संसूचित करने में असमर्थ होनाधारा 126कतिपय मामलों में पति और पत्नी की साक्षी के रूप में सक्षमताधारा 127न्यायाधीश और मजिस्ट्रेटधारा 128विवाहित स्थिति के दौरान की गई संसूचनाएंधारा 129राज्य के कार्यकलापों के बारे में साक्ष्यधारा 130शासकीय संसूचनाएंधारा 131अपराधों के करने के बारे में सूचनाधारा 132वृत्तिक संसूचनाएंधारा 133स्वेच्छया साक्ष्य देने से विशेषाधिकार का अभित्यक्त नहीं होनाधारा 134विधि सलाहकारों से गोपनीय संसूचनाधारा 135जो साक्षी पक्षकार नहीं है उसके हक विलेखों को प्रस्तुत किया जानाधारा 136ऐसे दस्तावेजों या इलैक्ट्रानिक अभिलेखों का प्रस्तुत किया जाना, जिन्हें कोई दूसरा व्यक्ति, जिसका उन पर कब्जा है, प्रस्तुत करने से इंकार कर सकता थाधारा 137इस आधार पर कि उत्तर उसे अपराध में फंसाएगा, साक्षी उत्तर देने से क्षम्य नहीं होगाधारा 138सह-अपराधीधारा 139साक्षियों की संख्या
अध्याय 10 — साक्षियों की परीक्षा के विषय में29
धारा 140साक्षियों को प्रस्तुत करने और उनकी परीक्षा का क्रमधारा 141न्यायाधीश साक्ष्य की ग्राह्यता के बारे में निश्चय करेगाधारा 142साक्षियों की परीक्षाधारा 143परीक्षाओं का क्रमधारा 144किसी दस्तावेज को प्रस्तुत करने के लिए बुलाए गए व्यक्ति की प्रतिपरीक्षाधारा 145शील का साक्ष्य देने वाले साक्षीधारा 146सूचक प्रश्नधारा 147लेखबद्ध विषयों के बारे में साक्ष्यधारा 148पूर्व लेखबद्ध कथनों के बारे में प्रतिपरीक्षाधारा 149प्रतिपरीक्षा में विधिपूर्ण प्रश्नधारा 150साक्षी को उत्तर देने के लिए कब विवश किया जाएधारा 151न्यायालय विनिश्चित करेगा कि कब प्रश्न पूछा जाएगा और साक्षी को उत्तर देने के लिए कब विवश किया जाएगाधारा 152युक्तियुक्त आधारों के बिना प्रश्न नहीं पूछा जाएगाधारा 153युक्तियुक्त आधारों के बिना प्रश्न पूछे जाने की दशा में न्यायालय की प्रक्रियाधारा 154अशिष्ट और कलंकात्मक प्रश्नधारा 155अपमानित या क्षुब्ध करने के लिए आशयित प्रश्नधारा 156सत्यवादिता परखने के प्रश्नों के उत्तरों का खण्डन करने के लिए साक्ष्य का अपवर्जनधारा 157पक्षकार द्वारा अपने ही साक्षी से प्रश्नधारा 158साक्षी की विश्वसनीयता पर अधिक्षेपधारा 159सुसंगत तथ्य के साक्ष्य की सम्पुष्टि करने की प्रवृत्ति रखने वाले प्रश्न ग्राह्य होंगेधारा 160उसी तथ्य के बारे में पश्चात्वर्ती अभिसाक्ष्य की संपुष्टि करने के लिए साक्षी के पूर्वतन कथन साबित किए जा सकेंगेधारा 161साबित कथन के बारे में, जो कथन धारा 26 या धारा 27 के अधीन सुसंगत है, कौन सी बातें साबित की जा सकेंगीधारा 162स्मृति ताजी करनाधारा 163धारा 162 में वर्णित दस्तावेज में कथित तथ्यों के लिए परिसाक्ष्यधारा 164स्मृति ताजी करने के लिए प्रयुक्त लेख के बारे में प्रतिपक्षी का अधिकारधारा 165दस्तावेजों का प्रस्तुत किया जानाधारा 166मंगाए गए और सूचना पर प्रस्तुत किए गए दस्तावेज का साक्ष्य के रूप में दिया जानाधारा 167सूचना पाने पर जिस दस्तावेज के प्रस्तुत करने से इंकार कर दिया गया है उसको साक्ष्य के रूप में उपयोग में लानाधारा 168प्रश्न करने या प्रस्तुत करने का आदेश देने की न्यायाधीश की शक्ति
अध्याय 11 — साक्ष्य की अनुचित स्वीकृति और अस्वीकृति के विषय में1
अध्याय 12 — निरसन और व्यावृत्ति1
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।