भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 5/92 / 170
92तीस वर्ष पुराने दस्तावेजों के बारे में उपधारणा
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 510स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्दजहां कोई दस्तावेज, जिसका तीस वर्ष पुराना होना तात्पर्यित है या साबित किया गया है, ऐसी किसी अभिरक्षा में से, जिसे न्यायालय उस विशिष्ट मामले में उचित समझता है, प्रस्तुत किया गया है, वहां न्यायालय यह उपधारित कर सकेगा कि ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर और उसका प्रत्येक अन्य भाग, जिसका किसी विशिष्ट व्यक्ति के हस्तलेख में होना तात्पर्यित है, उस व्यक्ति के हस्तलेख में है, और निष्पादित या अनुप्रमाणित दस्तावेज होने की दशा में यह उपधारित कर सकेगा कि वह उन व्यक्तियों द्वारा सम्यक् रूप में निष्पादित और अनुप्रमाणित किया गया था, जिनके द्वारा उसका निष्पादित और अनुप्रमाणित होना तात्पर्यित है ।
स्पष्टीकरण—धारा 80 का स्पष्टीकरण इस धारा को भी लागू होगा ।
दृष्टांत
(क) क भू-संपत्ति पर दीर्घकाल से कब्जा रखता आया है । यह उस भूमि सम्बन्धी विलेख, जिनसे उस भूमि पर उसका हक दर्शित है, अपनी अभिरक्षा में से प्रस्तुत करता है । यह अभिरक्षा उचित होगी ।
(ख) क उस भू-संपत्ति से सम्बद्ध विलेख, जिनका वह बन्धकदार है, प्रस्तुत करता है । बंधककर्ता संपत्ति पर कब्जा रखता है । यह अभिरक्षा उचित होगी ।
(ग) ख का संबंधी क, ख के कब्जे वाली भूमि से संबंधित विलेख प्रस्तुत करता है, जिन्हें ख ने उसके पास सुरक्षित अभिरक्षा के लिए जमा किया था । यह अभिरक्षा उचित होगी ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।