नई–पुरानी धाराmanzill.com
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 5/64 / 170

64प्रस्तुत करने की सूचना के बारे में नियम

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 504–505स्रोत

पुराना कानून

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

आईईए से मिलान जल्द

धारा 60 के खंड (क) में निर्दिष्ट दस्तावेजों की अन्तर्वस्तु का द्वितीयक साक्ष्य तब तक न दिया जा सकेगा, जब तक ऐसे द्वितीयक साक्ष्य देने की प्रस्थापना करने वाले पक्षकार ने उस पक्षकार को, जिसके कब्जे में या अधिकार में वह दस्तावेज है या उसके अधिवक्ता या प्रतिनिधि को, उसे प्रस्तुत करने के लिए ऐसी सूचना, जैसा विधि द्वारा विहित है, और यदि विधि द्वारा कोई सूचना विहित नहीं हो तो ऐसी सूचना, जैसा न्यायालय मामले की परिस्थितियों के अधीन युक्तियुक्त समझता है, न दे दिया हो :

परन्तु ऐसी सूचना निम्नलिखित दशाओं में से किसी में या किसी भी अन्य दशा में, जिसमें न्यायालय उसके दिए जाने से अभिमुक्ति प्रदान करना उचित समझता है, द्वितीयक साक्ष्य को ग्राह्य बनाने के लिए अपेक्षित नहीं किया जाएगा,—

(क) जब साबित किया जाने वाला दस्तावेज स्वयं एक सूचना है ;

(ख) जब प्रतिपक्षी को मामले की प्रकृति से यह जानना ही होगा कि उसे प्रस्तुत करने की उससे अपेक्षा की जाएगी ;

(ग) जब यह प्रतीत होता है या साबित किया जाता है कि प्रतिपक्षी ने मूल पर कब्जा कपट या बल द्वारा अभिप्राप्त कर लिया है ;

(घ) जब मूल, प्रतिपक्षी या उसके अभिकर्ता के पास न्यायालय में है ;

(ङ) जब प्रतिपक्षी या उसके अभिकर्ता ने दस्तावेज का खो जाना स्वीकार कर लिया है ;

(च) जब दस्तावेज पर कब्जा रखने वाला व्यक्ति न्यायालय की आदेशिका की पहुंच के बाहर है या ऐसी आदेशिका के अध्यधीन नहीं है ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।