भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 5/79 / 170
79साक्ष्य, आदि के अभिलेख के रूप में प्रस्तुत दस्तावेजों के बारे में उपधारणा
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 508स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्दजब कभी किसी न्यायालय के समक्ष कोई ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत किया जाता है, जिसका किसी न्यायिक कार्यवाही में, या विधि द्वारा ऐसा साक्ष्य लेने के लिए प्राधिकृत किसी अधिकारी के समक्ष, किसी साक्षी द्वारा दिए गए साक्ष्य या साक्ष्य के किसी भाग का अभिलेख या ज्ञापन होना या किसी बंदी या अभियुक्त का विधि के अनुसार लिया गया कथन या संस्वीकृति होना तात्पर्यित है और जिसका किसी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट द्वारा या पूर्वोक्त प्रकार के ऐसे किसी अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित होना तात्पर्यित है, तब न्यायालय यह उपधारित करेगा कि,—
(i) वह दस्तावेज असली है ;
(ii) उन परिस्थितियों के बारे में, जिनके अधीन वह लिया गया था, कोई भी कथन, जिनका उसको हस्ताक्षरित करने वाले व्यक्ति द्वारा किया जाना तात्पर्यित है, सत्य है ; और
(iii) ऐसा साक्ष्य, कथन या संस्वीकृति सम्यक् रूप से ली गई थी ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।