नई–पुरानी धाराmanzill.com
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 5/67 / 170

67ऐसे दस्तावेज के निष्पादन का साबित किया जाना, जिसका अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित है

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 505स्रोत

पुराना कानून

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

आईईए से मिलान जल्द

यदि किसी दस्तावेज का अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित है, तो उसे साक्ष्य के रूप में उपयोग में नहीं लाया जाएगा, जब तक कम से कम एक अनुप्रमाणक साक्षी, यदि कोई अनुप्रमाणक साक्षी जीवित हो और न्यायालय की आदेशिका के अध्यधीन हो तथा साक्ष्य देने में समर्थ हो, उसका निष्पादन साबित करने के प्रयोजन से न बुलाया गया हो :

परन्तु ऐसे किसी दस्तावेज के निष्पादन को साबित करने के लिए, जो वसीयत नहीं है, और जो भारतीय रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 के उपबन्धों के अनुसार रजिस्ट्रीकृत है, किसी अनुप्रमाणक साक्षी को बुलाना आवश्यक नहीं होगा, जब तक उसका निष्पादन, उस व्यक्ति द्वारा जिसके द्वारा उसका निष्पादित होना तात्पर्यित है विनिर्दिष्ट रूप से इंकार न किया गया हो ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।