भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 6/94 / 170
94दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध संविदाओं, अनुदानों और संपत्ति के अन्य व्ययनों के निबन्धनों का साक्ष्य
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 511स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्दजब किसी संविदा के या अनुदान के या संपत्ति के किसी अन्य व्ययन के निबन्धन किसी दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध कर लिए गए हों, और उन सब दशाओं में, जिनमें विधि द्वारा अपेक्षित है कि कोई बात दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध की जाए, ऐसी संविदा, अनुदान या संपत्ति के अन्य व्ययन के निबन्धनों के या ऐसी बात के साबित किए जाने के लिए स्वयं उस दस्तावेज के या उन दशाओं में, जिसमें इसके पूर्व अन्तर्विष्ट उपबन्धों के अधीन द्वितीयक साक्ष्य ग्राह्य है, उसकी अन्तर्वस्तु के द्वितीयक साक्ष्य के सिवाय, कोई भी साक्ष्य नहीं दिया जाएगा ।
अपवाद 1—जब विधि द्वारा किसी लोक अधिकारी की नियुक्ति लिखित रूप में अपेक्षित है और जब यह दर्शित किया जाता है कि किसी विशिष्ट व्यक्ति ने ऐसे अधिकारी के नाते कार्य किया है, तब उस लेख का, जिसके द्वारा वह नियुक्त किया गया था, साबित किया जाना आवश्यक नहीं है ।
अपवाद 2—जिन वसीयतों का संप्रमाण मिला है, वे संप्रमाण द्वारा साबित की जा सकेंगी ।
स्पष्टीकरण 1—यह धारा उन दशाओं में, जिनमें निर्दिष्ट संविदाएं, अनुदान या संपत्ति के व्ययन एक ही दस्तावेज में अन्तर्विष्ट हैं और उन दशाओं में, जिनमें वे एक से अधिक दस्तावेजों में अन्तर्विष्ट हैं, समान रूप से लागू हैं ।
स्पष्टीकरण 2—जहां एक से अधिक मूल हैं, वहां केवल एक मूल साबित करना आवश्यक है ।
स्पष्टीकरण 3—इस धारा में निर्दिष्ट तथ्यों से भिन्न किसी तथ्य का किसी भी दस्तावेज में कथन, उसी तथ्य के बारे में मौखिक साक्ष्य की ग्राह्यता को निवारित नहीं करेगा ।
दृष्टांत
(क) यदि कोई संविदा कई पत्रों में अन्तर्विष्ट है, तो वे सभी पत्र, जिनमें वह अन्तर्विष्ट है, साबित करने होंगे ।
(ख) यदि कोई संविदा किसी विनिमयपत्र में अन्तर्विष्ट है, तो वह विनिमयपत्र साबित करना होगा ।
(ग) यदि विनिमयपत्र तीन सेट में लिखित है, तो केवल एक को साबित करना आवश्यक है ।
(घ) ख से कतिपय निबन्धनों पर क नील के परिदान के लिए लिखित संविदा करता है । संविदा इस तथ्य का वर्णन करती है कि ख ने क को किसी अन्य अवसर पर मौखिक रूप से संविदाकृत अन्य नील का मूल्य चुकाया था । मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया जाता है कि अन्य नील के लिए कोई संदाय नहीं किया गया । यह साक्ष्य ग्राह्य है ।
(ङ) ख द्वारा दिए गए धन की रसीद ख को क देता है । संदाय करने का मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया जाता है । यह साक्ष्य ग्राह्य है ।
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