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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 6/95 / 170

95मौखिक करार के साक्ष्य का अपवर्जन

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 511–513स्रोत

पुराना कानून

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

आईईए से मिलान जल्द

जब किसी ऐसी संविदा, अनुदान या संपत्ति के अन्य व्ययन के निबन्धनों को, या किसी बात को, जिसके बारे में विधि द्वारा अपेक्षित है कि वह दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध की जाए, धारा 94 के अनुसार साबित किया जा चुका है, तब किसी ऐसी लिखत के पक्षकारों या उनके हित प्रतिनिधियों के बीच के किसी मौखिक करार या कथन का कोई भी साक्ष्य उसके निबन्धनों का खण्डन करने या उनमें फेरफार करने या जोड़ने या उनमें से घटाने के प्रयोजन के लिए ग्रहण नहीं किया जाएगा :

परन्तु ऐसा कोई तथ्य साबित किया जा सकेगा, जो किसी दस्तावेज को अविधिमान्य बना दे या जो किसी व्यक्ति को तत्सम्बन्धी किसी डिक्री या आदेश का हकदार बना दे, यथा कपट, अभित्रास, अवैधता, सम्यक् निष्पादन का अभाव, किसी संविदाकारी पक्षकार में सामर्थ्य का अभाव, प्रतिफल का अभाव या निष्फलता या विधि की या तथ्य की भूल :

परन्तु यह और कि किसी विषय के बारे में, जिसके बारे में दस्तावेज मौन है और जो उसके निबन्धनों से असंगत नहीं है, किसी पृथक् मौखिक करार का अस्तित्व साबित किया जा सकेगा । इस पर विचार करते समय यह परन्तुक लागू होता है या नहीं, न्यायालय दस्तावेज की औपचारिकता की मात्रा को ध्यान में रखेगा :

परन्तु यह भी कि ऐसी किसी संविदा, अनुदान या संपत्ति के व्ययन के अधीन कोई बाध्यता संलग्न होने की पुरोभाव्य शर्त गठित करने वाले किसी पृथक् मौखिक करार का अस्तित्व साबित किया जा सकेगा :

परन्तु यह भी कि ऐसी किसी संविदा, अनुदान या संपत्ति के व्ययन को विखंडित या उपांतरित करने के लिए किसी सुभिन्न पश्चात्वर्ती मौखिक करार का अस्तित्व उन दशाओं के सिवाय साबित किया जा सकेगा, जिनमें विधि द्वारा अपेक्षित है कि ऐसी संविदा, अनुदान या संपत्ति का व्ययन लिखित हो या जिनमें दस्तावेजों के रजिस्ट्रीकरण के बारे में तत्समय प्रवृत्त विधि के अनुसार उसका रजिस्ट्रीकरण किया जा चुका है :

परन्तु यह भी कि कोई प्रथा या रूढ़ि, जिसके द्वारा किसी संविदा में अभिव्यक्त रूप से वर्णित न होने वाली घटनाएं उस प्रकार की संविदाओं से प्रायः उपाबद्ध रहती हैं, साबित की जा सकेगी :

परन्तु यह भी कि ऐसी घटना को उपाबद्ध करना संविदा के अभिव्यक्त निबन्धनों के विरुद्ध या उनसे असंगत नहीं होगा :

परन्तु यह भी कि कोई तथ्य, जो यह दर्शित करता है कि किसी दस्तावेज की भाषा विद्यमान तथ्यों से किस रीति में संबंधित है, साबित किया जा सकेगा ।

दृष्टांत

(क) बीमा की एक पालिसी उस माल के लिए जो “कोलकाता से विशाखापट्टनम जाने वाले पोतों में” की गई है । माल किसी विशिष्ट पोत से भेजा जाता है, जो पोत नष्ट हो जाता है । यह तथ्य कि वह विशिष्ट पोत उस पालिसी से मौखिक रूप से अपवादित था, साबित नहीं किया जा सकता ।

(ख) ख को मार्च, 2023 को एक हजार रुपए देने का पक्का लिखित करार क करता है । यह तथ्य कि उसी समय एक मौखिक करार हुआ था कि यह धन 31 मार्च, 2023 तक नहीं दिया जाएगा, साबित नहीं किया जा सकता ।

(ग) “रामपुर चाय सम्पदा” नामक एक सम्पदा किसी विलेख द्वारा बेची जाती है, जिसमें विक्रीत संपत्ति का मानचित्र अन्तर्विष्ट है । यह तथ्य कि मानचित्र में न दिखाई गई भूमि सदैव सम्पदा का भागरूप मानी जाती रही थी और उस विलेख द्वारा उसका अन्तरित होना अभिप्रेत था, साबित नहीं किया जा सकता ।

(घ) क कतिपय खानों को, जो ख की संपत्ति हैं, कतिपय निबन्धनों पर काम में लाने का ख से लिखित करार करता है । उनके मूल्य के बारे में ख के मिथ्या निरूपण द्वारा क ऐसा करने के लिए उत्प्रेरित हुआ था । यह तथ्य साबित किया जा सकेगा ।

(ङ) ख पर क किसी संविदा के विनिर्दिष्ट पालन के लिए वाद संस्थित करता है और यह प्रार्थना भी करता है कि संविदा का सुधार उसके एक उपबन्ध के बारे में किया जाए क्योंकि वह उपबन्ध उसमें भूल से अन्तःस्थापित किया गया था । क साबित कर सकेगा कि ऐसी भूल की गई थी जिससे संविदा के सुधार करने का हक उसे विधि द्वारा मिलता है ।

(च) क पत्र द्वारा ख का माल आदेशित करता है जिसमें संदाय करने के समय के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है और परिदान पर माल को स्वीकार करता है । ख मूल्य के लिए क पर वाद लाता है । क दर्शित कर सकेगा कि माल ऐसी अवधि के लिए उधार पर दिया गया था जिसका अभी तक अवसान नहीं हुआ है ।

(छ) ख को क एक घोड़ा बेचता है और मौखिक वारण्टी देता है कि वह अच्छा है । ख को क इन शब्दों को लिखकर एक कागज देता है—क से तीस हजार रुपए में एक घोड़ा खरीदा” । ख मौखिक वारंटी साबित कर सकेगा ।

(ज) ख का लॉज क भाड़े पर लेता है और एक कार्ड देता है जिसमें लिखा है, “कमरे, दस हजार रुपए प्रतिमास” । क यह मौखिक करार साबित कर सकेगा कि इन निबन्धनों के अन्तर्गत भागतः भोजन भी था । ख का लॉज क एक वर्ष के लिए भाड़े पर लेता है और उनके बीच अधिवक्ता द्वारा तैयार किया हुआ एक स्टाम्पित करार किया जाता है । वह करार भोजन देने के विषय में मौन है । क साबित नहीं कर सकेगा कि मौखिक तौर पर उस निबन्धन के अन्तर्गत भोजन देना भी था ।

(झ) ख से देय ऋण के लिए धन की रसीद भेज कर ऋण चुकाने का क आवेदन करता है । ख रसीद रख लेता है और धन नहीं भेजता । उस रकम के लिए वाद में क इसे साबित कर सकेगा ।

(ञ) क और ख लिखित में संविदा करते हैं जो कतिपय अनिश्चित घटना के घटित होने पर प्रभावशील होनी है । वह लेख ख के पास छोड़ दिया जाता है जो उसके आधार पर क पर वाद लाता है । क उन परिस्थितियों को दर्शित कर सकेगा जिनके अधीन वह परिदत्त किया गया था ।

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