भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 10/143 / 170
143परीक्षाओं का क्रम
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 526स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्द(1) साक्षियों से प्रथमतः मुख्यपरीक्षा होगी, तत्पश्चात् (यदि प्रतिपक्षी ऐसा चाहे तो) प्रतिपरीक्षा होगी, तत्पश्चात् (यदि उसे बुलाने वाला पक्षकार ऐसा चाहे तो) पुनःपरीक्षा होगी ।
(2) मुख्यपरीक्षा और प्रतिपरीक्षा, सुसंगत तथ्यों से संबंधित होनी चाहिए, किन्तु प्रतिपरीक्षा का उन तथ्यों तक सीमित रहना आवश्यक नहीं है, जिनका साक्षी ने अपनी मुख्यपरीक्षा में परिसाक्ष्य दिया है ।
(3) पुनःपरीक्षा उन बातों के स्पष्टीकरण के प्रति निदेशित होगी, जो प्रतिपरीक्षा में निर्दिष्ट हुए हों, और यदि पुनःपरीक्षा में न्यायालय की अनुमति से कोई नई बात प्रविष्ट की गई है, तो प्रतिपक्षी उस बात के बारे में अतिरिक्त प्रतिपरीक्षा कर सकेगा ।
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