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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 10/141 / 170

141न्यायाधीश साक्ष्य की ग्राह्यता के बारे में निश्चय करेगा

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 525स्रोत

पुराना कानून

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

आईईए से मिलान जल्द

(1) जब दोनों में से कोई पक्षकार किसी तथ्य का साक्ष्य देने की प्रस्थापना करता है, तब न्यायाधीश साक्ष्य देने की प्रस्थापना करने वाले पक्षकार से पूछ सकेगा कि अभिकथित तथ्य, यदि वह साबित हो जाए, किस प्रकार सुसंगत होगा और यदि न्यायाधीश यह समझता है कि वह तथ्य यदि साबित हो गया तो सुसंगत होगा, तो वह उस साक्ष्य को ग्रहण करेगा, अन्यथा नहीं ।

(2) यदि वह तथ्य, जिसका साबित करना प्रस्थापित है, ऐसा है जिसका साक्ष्य किसी अन्य तथ्य के साबित होने पर ही ग्राह्य होता है, तो ऐसा अन्तिम वर्णित तथ्य प्रथम वर्णित तथ्य का साक्ष्य दिए जाने के पूर्व साबित करना होगा, जब तक कि पक्षकार ऐसे तथ्य को साबित करने का वचन न दे और न्यायालय ऐसे वचन से संतुष्ट न हो जाए ।

(3) यदि एक अभिकथित तथ्य की सुसंगति अन्य अभिकथित तथ्य के प्रथम साबित होने पर निर्भर हो, तो न्यायाधीश अपने विवेकानुसार या तो दूसरे तथ्य के साबित होने के पूर्व प्रथम तथ्य का साक्ष्य दिया जाना अनुज्ञात कर सकेगा, या प्रथम तथ्य का साक्ष्य दिए जाने के पूर्व द्वितीय तथ्य का साक्ष्य दिए जाने की अपेक्षा कर सकेगा ।

दृष्टांत

(क) यह प्रस्थापना की गई है कि किसी व्यक्ति के, जिसका मृत होना अभिकथित है, सुसंगत तथ्य के बारे में कथन को, जो कि धारा 26 के अधीन सुसंगत है, साबित किया जाए । इससे पूर्व कि उस कथन का साक्ष्य दिया जाए उस कथन को साबित करने की प्रस्थापना करने वाले व्यक्ति को यह तथ्य साबित करना होगा कि वह व्यक्ति मर गया है ।

(ख) यह प्रस्थापना की गई है कि किसी ऐसे दस्तावेज की अन्तर्वस्तु को, जिसका खो गया होना कथित है, प्रतिलिपि द्वारा साबित किया जाए । यह तथ्य कि मूल खो गया है प्रतिलिपि प्रस्तुत करने की प्रस्थापना करने वाले व्यक्ति को वह प्रतिलिपि प्रस्तुत करने से पूर्व साबित करना होगा ।

(ग) क चुराई हुई संपत्ति को यह जानते हुए कि वह चुराई हुई है, प्राप्त करने का अभियुक्त है । यह साबित करने की प्रस्थापना की गई है कि उसने उस संपत्ति के कब्जे का इंकार किया । इस इंकार की सुसंगति संपत्ति की पहचान पर निर्भर है । न्यायालय अपने विवेकानुसार या तो कब्जे के इंकार के साबित होने से पूर्व संपत्ति की पहचान की जानी अपेक्षित कर सकेगा, या संपत्ति की पहचान किए जाने के पूर्व कब्जे के इंकार को साबित किए जाने की अनुज्ञा दे सकेगा ।

(घ) किसी तथ्य क के, जिसका किसी विवाद्यक तथ्य का हेतुक या परिणाम होना कथित है, साबित करने की प्रस्थापना की गई है । कई मध्यान्तरिक तथ्य ख, ग और घ हैं, जिनका, इससे पूर्व कि तथ्य क उस विवाद्यक तथ्य का हेतुक या परिणाम माना जा सके, अस्तित्व में होना दर्शित किया जाना आवश्यक है । न्यायालय या तो ख, ग या घ के साबित किए जाने के पूर्व क के साबित किए जाने की अनुज्ञा दे सकेगा, या क का साबित किया जाना अनुज्ञात करने के पूर्व ख, ग और घ का साबित किया जाना अपेक्षित कर सकेगा ।

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