भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 10/165 / 170
165दस्तावेजों का प्रस्तुत किया जाना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 531स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्द(1) किसी दस्तावेज को प्रस्तुत करने के लिए समन किए गए साक्षी, यदि वह उसके कब्जे में या अधिकार के अधीन हो, ऐसे किसी आक्षेप के होने पर भी, जो उसे प्रस्तुत करने या उसकी ग्राह्यता के बारे में हो, उसे न्यायालय में लाएगा :
परंतु ऐसे किसी आक्षेप की विधिमान्यता न्यायालय द्वारा विनिश्चित की जाएगी ।
(2) न्यायालय, यदि यह ठीक समझे, तो उस दस्तावेज का निरीक्षण कर सकेगा, यदि वह राज्य की बातों से संबंधित नहीं है, या स्वयं को उसकी ग्राह्यता अवधारित करने में समर्थ बनाने के लिए अन्य साक्ष्य ले सकेगा ।
(3) यदि ऐसे प्रयोजन के लिए किसी दस्तावेज का अनुवाद कराना आवश्यक हो तो न्यायालय, यदि यह ठीक समझे, तो अनुवादक को निदेश दे सकेगा कि वह उसकी अन्तर्वस्तु को गुप्त रखे, सिवाय जबकि दस्तावेज को साक्ष्य में दिया जाना हो ; और यदि अनुवादक ऐसे निदेश की अवज्ञा करे, तो यह धारित किया जाएगा कि उसने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 198 के अधीन अपराध किया है :
परंतु कोई न्यायालय, मंत्रियों और भारत के राष्ट्रपति के बीच हुई किसी संसूचना को इसके समक्ष प्रस्तुत करने की अपेक्षा नहीं करेगा ।
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