भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 10/162 / 170
162स्मृति ताजी करना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 530–531स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्द(1) कोई साक्षी, जब वह परीक्षा के अधीन है, किसी ऐसे लेख को देख करके, जो कि स्वयं उसने उस संव्यवहार के समय जिसके संबंध में उससे प्रश्न किया जा रहा है, या इतने शीघ्र पश्चात् हो कि न्यायालय इसे संभाव्य समझता हो कि वह संव्यवहार उस समय उसकी स्मृति में ताजा था, अपनी स्मृति को ताजा कर सकेगा :
परंतु साक्षी किसी ऐसे लेख को भी देख सकेगा जो किसी अन्य व्यक्ति द्वारा तैयार किया गया है और उस साक्षी द्वारा उपर्युक्त समय के भीतर पढ़ा गया है, यदि वह उस लेख का, उस समय जबकि उसने उसे पढ़ा था, सही होना जानता था ।
(2) जब कभी कोई साक्षी अपनी स्मृति किसी दस्तावेज को देखने से ताजी कर सकता है, तब वह न्यायालय की अनुज्ञा से, ऐसे दस्तावेज की प्रतिलिपि को देख सकेगा :
परन्तु यह तब जबकि न्यायालय का समाधान हो गया है कि मूल को प्रस्तुत नहीं करने का पर्याप्त कारण है :
परंतु यह और कि विशेषज्ञ अपनी स्मृति वृत्तिक पुस्तकों को देख कर ताजी कर सकेगा ।
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