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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 2/44 / 170

44नातेदारी के बारे में राय कब सुसंगत है

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 497स्रोत

पुराना कानून

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

आईईए से मिलान जल्द

जब न्यायालय को एक व्यक्ति की किसी अन्य के साथ नातेदारी के बारे में राय बनानी हो, तब ऐसी नातेदारी के अस्तित्व के बारे में ऐसे किसी व्यक्ति के आचरण द्वारा अभिव्यक्त राय, जिसके पास कुटुम्ब के सदस्य के रूप में या अन्यथा उस विषय के संबंध में ज्ञान के विशेष साधन हैं, सुसंगत तथ्य है :

परन्तु भारतीय विवाह-विच्छेद अधिनियम, 1869 के अधीन कार्यवाहियों में या भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 82 और धारा 84 के अधीन अभियोजन में ऐसी राय विवाह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी ।

दृष्टांत

(क) प्रश्न यह है कि क्या क और ख विवाहित थे । यह तथ्य कि उनको अपने मित्रों द्वारा पति और पत्नी के रूप में प्रायः स्वीकार किया जाता था और उन्हें उसी रूप में माना जाता था, सुसंगत है ।

(ख) प्रश्न यह है कि क्या क, ख का धर्मज पुत्र है। यह तथ्य कि कुटुम्ब के सदस्यों द्वारा क को सदैव उस रूप में माना जाता था, सुसंगत है ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।