भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 2/33 / 170
33जब कथन किसी बातचीत, दस्तावेज, इलैक्ट्रानिक अभिलेख, पुस्तक या पत्रों या कागज-पत्रों की आवली का भाग है, तब क्या साक्ष्य दिया जाए
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 493स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्दजब कोई कथन, जिसका साक्ष्य दिया जाता है, किसी वृहत्तर कथन का या किसी बातचीत का भाग है या किसी एकल दस्तावेज का भाग है या किसी ऐसे दस्तावेज में अन्तर्विष्ट है जो किसी पुस्तक का या पत्रों या कागज-पत्रों की संसक्त आवली का भाग है या इलैक्ट्रानिक अभिलेख के भाग में अंतर्विष्ट है तब उस कथन, बातचीत, दस्तावेज, इलैक्ट्रानिक अभिलेख, पुस्तक या पत्रों या कागज-पत्रों की आवली के उतने का ही, न कि उतने से अधिक का साक्ष्य दिया जाएगा, जितना न्यायालय उस कथन की प्रकृति और प्रभाव को तथा उन परिस्थितियों को, जिनके अधीन वह किया गया था, पूर्णतः समझने के लिए उस विशिष्ट मामले में आवश्यक विचार करता है ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।