भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 2/3 / 170
3विवाद्यक तथ्यों और सुसंगत तथ्यों का साक्ष्य दिया जा सकेगा
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 478स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्दकिसी वाद या कार्यवाही में प्रत्येक विवाद्यक तथ्य के और ऐसे अन्य तथ्यों के, जिन्हें इसमें इसके पश्चात् सुसंगत घोषित किया गया है, अस्तित्व या अनस्तित्व का साक्ष्य दिया जा सकेगा, किसी अन्य का नहीं ।
स्पष्टीकरण—यह धारा किसी व्यक्ति को ऐसे तथ्य का साक्ष्य देने हेतु समर्थ नहीं बनाएगी, जिससे सिविल प्रक्रिया से संबंधित किसी तत्समय प्रवृत्त विधि के किसी उपबन्ध द्वारा वह साबित करने के हक से वंचित कर दिया गया है ।
दृष्टांत
(क) ख की मृत्यु कारित करने के आशय से उसे लाठी से मारकर उसकी हत्या कारित करने के लिए क का विचारण किया जाता है ।
क के विचारण में निम्नलिखित तथ्य विवाद्य हैं :—
क द्वारा ख को लाठी से मारना;
क का ऐसी मार द्वारा ख की मृत्यु कारित करना;
ख की मृत्यु कारित करने का क का आशय ।
(ख) एक वादकर्ता अपने साथ वह बन्धपत्र, जिस पर वह निर्भर करता है, मामले की पहली सुनवाई पर अपने साथ नहीं लाता है और प्रस्तुत करने के लिए तैयार नहीं रखता है । यह धारा उसे समर्थ नहीं बनाती कि सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 द्वारा विहित शर्तों के अनुसार से अन्यथा, वह उस कार्यवाही के उत्तरवर्ती प्रक्रम में उस बन्धपत्र को प्रस्तुत कर सके या उसकी अन्तर्वस्तु को साबित कर सके ।
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