भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 2/4 / 170
4एक ही संव्यवहार के भाग होने वाले तथ्यों की सुसंगति
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 478–479स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्दजो तथ्य विवाद्य न होते हुए भी किसी विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य से इस प्रकार संबद्ध है कि वे एक ही संव्यवहार के भाग हैं, वे तथ्य सुसंगत हैं, चाहे वे उसी समय और स्थान पर या विभिन्न समयों और स्थानों पर घटित हुए हों ।
दृष्टांत
(क) ख को पीटकर उसकी हत्या करने का क अभियुक्त है । क या ख या पास खड़े लोगों द्वारा जो कुछ भी पिटाई के समय या उससे इतने अल्पकाल पूर्व या पश्चात् कहा गया था या किया गया था कि वह उसी संव्यवहार का भाग बन गया है, वह सुसंगत तथ्य है ।
(ख) क एक सशस्त्र विद्रोह में भाग लेकर, जिसमें संपत्ति नष्ट की जाती है, फौज पर आक्रमण किया जाता है और जेलें तोड़ कर खोली जाती हैं, भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने का अभियुक्त है । इन तथ्यों का घटित होना साधारण संव्यवहार का भाग होने के नाते सुसंगत है, चाहे क उन सभी में उपस्थित न रहा हो ।
(ग) क एक पत्र में, जो किसी पत्राचार का भाग है, अन्तर्विष्ट अपमान-लेख के लिए ख पर वाद लाता है । जिस विषय में अपमान-लेख उद्भूत हुआ है, उससे संबंधित पक्षकारों के बीच जितने पत्र उस पत्राचार के भाग हैं जिसमें वह अन्तर्विष्ट है, वे सुसंगत तथ्य हैं, चाहे उनमें वह अपमान-लेख स्वयं अन्तर्विष्ट न हो ।
(घ) प्रश्न यह है कि क्या ख से आदेशित अमुक माल क को दिया गया था । वह माल, अनुक्रमशः कई मध्यवर्ती व्यक्तियों को दिया गया था । प्रत्येक परिदान सुसंगत तथ्य है ।
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