भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 2/16 / 170
16कार्यवाही के पक्षकार या उसके अभिकर्ता द्वारा स्वीकृति
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 486स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्द(1) वे कथन स्वीकृतियां हैं, जिन्हें कार्यवाही के किसी पक्षकार ने किया है, या ऐसे किसी पक्षकार के ऐसे किसी अभिकर्ता द्वारा किया गया है, जिसे न्यायालय मामले की परिस्थितियों में उन कथनों को करने के लिए उस पक्षकार द्वारा अभिव्यक्त या विवक्षित रूप से प्राधिकृत किया हुआ मानता है ।
(2) वे कथन स्वीकृतियां हैं, जो—
(i) वाद के ऐसे पक्षकारों द्वारा, जो प्रतिनिधि की हैसियत में वाद ला रहे हैं या जिन पर प्रतिनिधि की हैसियत में वाद लाया जा रहा है, तब तक स्वीकृतियां नहीं हैं, जब तक कि वे उस समय न किए गए हों जबकि उनको करने वाला पक्षकार वैसी हैसियत धारण करता था ; या
(ii) (क) ऐसे व्यक्तियों द्वारा किए गए हैं, जिनका कार्यवाही की विषय-वस्तु में कोई साम्पत्तिक या धन संबंधी हित है और जो इस प्रकार हितबद्ध व्यक्तियों की हैसियत में वह कथन करते हैं ; या
(ख) ऐसे व्यक्तियों द्वारा किए गए हैं, जिनसे वाद के पक्षकारों का वाद की विषय-वस्तु में अपना हित व्युत्पन्न हुआ है,
यदि वे कथन उन्हें करने वाले व्यक्तियों के हित के बने रहने के दौरान किए गए हैं ।
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