भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 2/24 / 170
24साबित संस्वीकृति को, जो उसे करने वाले व्यक्ति और एक ही अपराध के लिए संयुक्त रूप से विचारित अन्य को प्रभावित करती है, विचार में लेना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 489स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्दजब एक से अधिक व्यक्ति एक ही अपराध के लिए संयुक्त रूप से विचारित हैं और ऐसे व्यक्तियों में से किसी एक के द्वारा, अपने को और ऐसे व्यक्तियों में से किसी अन्य को प्रभावित करने वाली की गई संस्वीकृति को साबित किया जाता है, तब न्यायालय ऐसी संस्वीकृति को ऐसे अन्य व्यक्ति के विरुद्ध तथा ऐसे संस्वीकृति करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध विचार में ले सकेगा ।
स्पष्टीकरण 1–इस धारा में प्रयुक्त “अपराध” शब्द के अन्तर्गत, उस अपराध का दुष्प्रेरण या उसे करने का प्रयत्न आता है।
स्पष्टीकरण 2–एक से अधिक व्यक्तियों का विचारण किसी ऐसे अभियुक्त की अनुपस्थिति में किया जाता है, जो भगौड़ा है या जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 84 के अधीन जारी उद्घोषणा का अनुपालन करने में असफल रहता है, इस धारा के प्रयोजन के लिए संयुक्त विचारण समझा जाएगा ।
दृष्टांत
(क) क और ख को ग की हत्या के लिए संयुक्ततः विचारण किया जाता है । यह साबित किया जाता है कि क ने कहा कि “ख और मैंने ग की हत्या की है ।” ख के विरुद्ध इस संस्वीकृति के प्रभाव पर न्यायालय विचार कर सकेगा ।
(ख) ग की हत्या करने के लिए क का विचारण हो रहा है । यह दर्शित करने के लिए साक्ष्य है कि ग की हत्या क और ख द्वारा की गई थी और यह कि ख ने कहा था कि “क और मैंने ग की हत्या की है” । न्यायालय इस कथन को क के विरुद्ध विचार में नहीं ले सकेगा, क्योंकि ख का संयुक्ततः विचारण नहीं हो रहा है ।
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