भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 7/116 / 170
116विवाहित स्थिति के दौरान जन्म होना धर्मजत्व का निश्चायक सबूत है
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 518स्रोत
पुराना कानून
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
आईईए से मिलान जल्दयह तथ्य कि किसी व्यक्ति का जन्म उसकी माता और किसी पुरुष के बीच विधिमान्य विवाह के कायम रहते हुए, या उसका विघटन होने के पश्चात् माता के अविवाहित रहते हुए दो सौ अस्सी दिन के भीतर हुआ था, इस बात का निश्चायक सबूत होगा कि वह उस पुरुष का धर्मज शिशु है, जब तक यह दर्शित न किया जा सके कि विवाह के पक्षकारों की परस्पर पहुंच ऐसे किसी समय नहीं थी कि जब उसका गर्भाधान किया जा सकता था ।
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