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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023/अध्याय 7/105 / 170

105सबूत का भार किस पर होता है

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 515–516स्रोत

पुराना कानून

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

आईईए से मिलान जल्द

किसी वाद या कार्यवाही में सबूत का भार उस व्यक्ति पर होता है जो असफल हो जाएगा, यदि दोनों में से किसी भी ओर से कोई भी साक्ष्य न दिया जाए ।

दृष्टांत

(क) ख पर उस भूमि के लिए क वाद लाता है जो ख के कब्जे में है और जिसके बारे में क दृढ़कथन करता है कि वह ख के पिता ग को वसीयत द्वारा क के लिए दी गई थी । यदि किसी भी ओर से कोई साक्ष्य नहीं दिया जाए, तो ख इसका हकदार होगा कि वह अपना कब्जा रखे रहे । अतः सबूत का भार क पर है ।

(ख) ख पर एक बन्धपत्र पर देय धन के लिए क वाद लाता है । उस बन्धपत्र का निष्पादन स्वीकृत है किन्तु ख कहता है कि वह कपट द्वारा अभिप्राप्त किया गया था, जिस बात का क इंकार करता है । यदि दोनों में से किसी भी ओर से कोई साक्ष्य नहीं दिया जाए, तो क सफल होगा क्योंकि बन्धपत्र विवादग्रस्त नहीं है और कपट साबित नहीं किया गया । अतः सबूत का भार ख पर है ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।