भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 9/140 / 531
140प्रतिभुओं को अस्वीकार करने की शक्ति
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 209–210स्रोत
(1) मजिस्ट्रेट किसी प्रस्तुत किए गए प्रतिभू को स्वीकार करने से इंकार कर सकेगा या अपने द्वारा, या अपने पूर्ववर्ती द्वारा, इस अध्याय के अधीन पहले स्वीकार किए गए किसी प्रतिभू को इस आधार पर अस्वीकार कर सकेगा कि ऐसा प्रतिभू जमानतपत्र के प्रयोजनों के लिए अनुपयुक्त व्यक्ति है :
परंतु किसी ऐसे प्रतिभू को इस प्रकार स्वीकार करने से इंकार करने या उसे अस्वीकार करने के पहले वह प्रतिभू की उपयुक्तता के बारे में या तो स्वयं शपथ पर जांच करेगा या अपने अधीनस्थ मजिस्ट्रेट से ऐसी जांच और उसके बारे में रिपोर्ट करवाएगा ।
(2) ऐसा मजिस्ट्रेट जांच करने के पहले प्रतिभू को और ऐसे व्यक्ति को, जिसने वह प्रतिभू प्रस्तुत किया है, उचित सूचना देगा और जांच करने में अपने सामने दिए गए साक्ष्य के सार को अभिलिखित करेगा ।
(3) यदि मजिस्ट्रेट का अपने समक्ष या उपधारा (1) के अधीन प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष ऐसे दिए गए साक्ष्य पर और ऐसे मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर (यदि कोई हो), विचार करने के पश्चात् यह समाधान हो जाता है कि वह प्रतिभू जमानतपत्र के प्रयोजनों के लिए अनुपयुक्त व्यक्ति है तो वह उस प्रतिभू को, यथास्थिति, स्वीकार करने से इंकार करने का या उसे अस्वीकार करने का आदेश करेगा और ऐसा करने के लिए अपने कारण अभिलिखित करेगा :
परंतु किसी प्रतिभू को, जो पहले स्वीकार किया जा चुका है, अस्वीकार करने का आदेश देने के पहले मजिस्ट्रेट अपना समन या वारंट, जिसे वह ठीक समझे, जारी करेगा और उस व्यक्ति को, जिसके लिए प्रतिभू आबद्ध है, अपने समक्ष उपस्थित कराएगा या बुलवाएगा ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।