भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 11/151 / 531
151धारा 148, धारा 149 तथा धारा 150 के अधीन किए गए कार्यों के लिए अभियोजन से संरक्षण
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 217–218स्रोत
(1) किसी कार्य के लिए, जो धारा 448, धारा 149 या धारा 450 के अधीन किया गया तात्पर्यित है, किसी व्यक्ति के विरुद्ध कोई अभियोजन किसी दंड न्यायालय मैं—
(क) जहां ऐसा व्यक्ति सशस्त्र बल का कोई अधिकारी या सदस्य है, वहां केंद्रीय सरकार की मंजूरी के बिना संस्थित नहीं किया जाएगा ;
(ख) किसी अन्य मामले में राज्य सरकार की मंजूरी के बिना संस्थित नहीं किया जाएगा ।
(2) (क) उक्त धाराओं में से किसी के अधीन सद्भावपूर्वक कार्य करने वाले किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी के बारे में :
(ख) धारा 448 या धारा 149 के अधीन अपेक्षा के अनुपालन में सद्भावपूर्वक कार्य करने वाले किसी व्यक्ति के बारे में ;
(ग) धारा 450 के अधीन सदभावपूर्वक कार्य करने वाले सशस्त्र बल के किसी अधिकारी के बारे में ;
(घ) सशस्त्र बल का कोई सदस्य जिस आदेश का पालन करने के लिए आबद्ध हो उसके पालन में किए गए किसी कार्य के लिए उस सदस्य के बारे में,
यह नहीं समझा जाएगा कि उसने कोई अपराध किया है :
(3) इस धारा में और इस अध्याय की पूर्ववर्ती धाराओं में—
(क) “सशस्त्र बल” पद से भूमि बल के रूप में क्रियाशील सेना, नौसेना और वायुसेना अभिप्रेत हैं और इसके अंतर्गत इस प्रकार क्रियाशील संघ के अन्य सशस्त्र बल भी हैं ;
(ख) सशस्त्र बल के संबंध में “अधिकारी” से सशस्त्र बल के आफिसर के रूप में आयुक्त, राजपत्रित या वेतनभोगी व्यक्ति अभिप्रेत हैं और इसके अंतर्गत कनिष्ठ कमीशंड आफिसर, वारंट आफिसर, पेटी आफिसर, गैर-कमीशंड आफिसर तथा अराजपत्रित आफिसर भी हैं ;
(ग) सशस्त्र बल के संबंध में “सदस्य” से सशस्त्र बल के अधिकारी से भिन्न उसका कोई सदस्य अभिप्रेत है ।
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