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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 11/152 / 531

152न्यूसेन्स हटाने के लिए सशर्त आदेश

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 218–219स्रोत

(1) जब किसी जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट का या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त विशेषतया सशक्त किसी अन्य कार्यपालक मजिस्ट्रेट का किसी पुलिस अधिकारी से रिपोर्ट या अन्य सूचना प्राप्त होने पर और ऐसा साक्ष्य (यदि कोई हो) लेने पर, जैसा वह ठीक समझे, यह विचार है कि—

(क) किसी लोक स्थान या किसी मार्ग, नदी या जलसरणी से, जो जनता द्वारा विधिपूर्वक उपयोग में लाई जाती है या लाई जा सके, कोई विधिविरुद्ध बाधा या न्यूसेन्स हटाया जाना चाहिए ; या

(ख) किसी व्यापार या उपजीविका को चलाना या किसी माल या पण्य वस्तु को रखना समाज के स्वास्थ्य या शारीरिक सुख के लिए हानिकर है और परिणामतः ऐसा व्यापार या उपजीविका प्रतिषिद्ध या विनियमित की जानी चाहिए या ऐसा माल या पण्य वस्तु हटा दी जानी चाहिए या उसको रखना विनियमित किया जाना चाहिए ; या

(ग) किसी भवन का निर्माण या किसी पदार्थ का व्ययन, जिससे सम्भाव्य है कि अग्निकांड या विस्फोट हो जाए, रोक दिया या बंद कर दिया जाना चाहिए ; या

(घ) कोई भवन, तंबू, संरचना या कोई वृक्ष ऐसी दशा में है कि संभाव्य है कि वह गिर जाए और पड़ोस में रहने या कारबार करने वाले या पास से निकलने वाले व्यक्तियों को उससे हानि हो, और परिणामतः ऐसे भवन, तम्बू या संरचना को हटाना, या उसकी मरम्मत करना या उसमें आलंब लगाना, या ऐसे वृक्ष को हटाना या उसमें आलंब लगाना आवश्यक है :

(ङ) ऐसे किसी मार्ग या लोक स्थान के पार्श्वस्थ किसी तालाब, कुएं या उत्खनन को इस प्रकार से बाड़ लगा दी जानी चाहिए कि जनता को होने वाले खतरे का निवारण हो सके ; या

(च) किसी भयानक जीवजंतु को नष्ट, परिरुद्ध या उसका अन्यथा व्ययन किया जाना चाहिए,

तब ऐसा मजिस्ट्रेट ऐसी बाधा या न्यूसेंस पैदा करने वाले या ऐसा व्यापार या उपजीविका चलाने वाले या किसी ऐसे माल या पण्य वस्तु को रखने वाले या ऐसे भवन, तंबू, संरचना, पदार्थ, तालाब, कुएं या उत्खनन का स्वामित्व या कब्जा या नियंत्रण रखने वाले या ऐसे जीवजंतु या वृक्ष का स्वामित्व या कब्जा रखने वाले व्यक्ति से यह अपेक्षा करते हुए सशर्त आदेश दे सकेगा कि उतने समय के भीतर, जितना उस आदेश में नियत किया जाए, वह—

(i) ऐसी बाधा या न्यूसेन्स को हटा दे ; या

(फ) ऐसा व्यापार या उपजीविका चलाना छोड़ दे या उसे ऐसी रीति से बंद कर दे या विनियमित करे, जैसी निदेशित की जाए या ऐसे मामले या पण्य वस्तु को हटाए या उसको रखना ऐसी रीति से विनियमित करे जैसी निदेशित की जाए ; या

(iii) ऐसे भवन का निर्माण रोके या बंद करे, या ऐसे पदार्थ के व्ययन में परिवर्तन करे ; या

(iv) ऐसे भवन, तंबू या संरचना को हटाए, उसकी मरम्मत कराए या उसमें आलम्ब लगाए या ऐसे वृक्षों को हटाए या उनमें आलंब लगाए ; या

(v) ऐसे तालाब, कुएं या उत्खनन को बाड़ लगाए ; या

(vi) ऐसे भयानक जीवजंतु को उस रीति से नष्ट करे, परिरुद्ध करे या उसका व्ययन करे, जो उस आदेश में उपबंधित है,

या यदि वह ऐसा करने में आपत्ति करता है तो वह स्वयं उसके समक्ष या उसके अधीनस्थ किसी अन्य कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष उस समय और स्थान पर, जो उस आदेश द्वारा नियत किया जाएगा, उपस्थित हो और इसमें इसके पश्चात् उपबंधित प्रकार से कारण दर्शित करे कि उस आदेश को अंतिम क्यों न कर दिया जाए ।

(2) मजिस्ट्रेट द्वारा इस धारा के अधीन सम्यक् रूप से दिए गए किसी भी आदेश को किसी सिविल न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जाएगा ।

स्पष्टीकरण—“लोक स्थान” के अंतर्गत राज्य की संपत्ति, पड़ाव के मैदान और स्वच्छता या आमोद-प्रमोद के प्रयोजन के लिए खाली छोड़े गए मैदान भी हैं ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।