भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 11/160 / 531
160आदेश अंतिम कर दिए जाने पर प्रक्रिया और उसकी अवज्ञा के परिणाम
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 221स्रोत
(1) जब धारा 155 या धारा 157 के अधीन आदेश अंतिम कर दिया जाता है तब मजिस्ट्रेट उस व्यक्ति को, जिसके विरुद्ध वह आदेश दिया गया है, उसकी सूचना देगा और उससे यह भी अपेक्षा करेगा कि वह उस आदेश द्वारा निदेशित कार्य इतने समय के भीतर करे, जितना सूचना में नियत किया जाए और उसे सूचना देगा कि अवज्ञा करने पर वह भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 द्वारा उपबंधित शास्ति का दायी होगा ।
(2) यदि ऐसा कार्य नियत समय के भीतर नहीं किया जाता है तो मजिस्ट्रेट उसे निष्पादित करा सकेगा और उसके किए जाने में हुए खर्चों को किसी भवन, माल या अन्य संपत्ति के, जो उसके आदेश द्वारा हटाई गई है, विक्रय द्वारा या ऐसे मजिस्ट्रेट की स्थानीय अधिकारिता के भीतर या बाहर स्थित उस व्यक्ति की अन्य चल संपत्ति के करस्थम् और विक्रय द्वारा वसूल कर सकेगा और यदि ऐसी अन्य संपत्ति ऐसी अधिकारिता के बाहर है तो उस आदेश से ऐसी कुर्की और विक्रय तब प्राधिकृत होगा जब वह उस मजिस्ट्रेट द्वारा पृष्ठांकित कर दिया जाता है जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर कुर्क की जाने वाली संपत्ति पाई जाती है ।
(3) इस धारा के अधीन सद्भावपूर्वक की गई किसी बात के बारे में कोई वाद नहीं लाया जाएगा ।
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