भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 11/161 / 531
161जांच के लंबित रहने तक व्यादेश
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 221स्रोत
(1) यदि धारा 152 के अधीन आदेश देने वाला मजिस्ट्रेट यह समझता है कि जनता को आसन्न खतरे या गंभीर किस्म की हानि का निवारण करने के लिए तुरंत उपाय किए जाने चाहिएं तो वह, उस व्यक्ति को, जिसके विरुद्ध आदेश दिया गया था, ऐसा व्यादेश देगा जैसा उस खतरे या हानि को, मामले का अवधारण होने तक, दूर या निवारित करने के लिए अपेक्षित है ।
(2) यदि ऐसे व्यादेश के तत्काल पालन में उस व्यक्ति द्वारा व्यतिक्रम किया जाता है तो मजिस्ट्रेट स्वयं ऐसे साधनों का उपयोग कर सकेगा या करवा सकेगा जो वह उस खतरे को दूर करने या हानि का निवारण करने के लिए ठीक समझे ।
(3) मजिस्ट्रेट द्वारा इस धारा के अधीन सद्भावपूर्वक की गई किसी बात के बारे में कोई वाद नहीं लाया जाएगा ।
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