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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 5/51 / 531

51पुलिस अधिकारी की प्रार्थना पर चिकित्सा- व्यवसायी द्वारा अभियुक्त की परीक्षा

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 178स्रोत

(1) जब कोई व्यक्ति, ऐसा अपराध करने के आरोप में गिरफ्तार किया जाता है जो ऐसी प्रकृति का है और जिसका ऐसी परिस्थितियों में किया जाना अभिकथित है कि यह विश्वास करने के उचित आधार हैं कि उसकी शारीरिक परीक्षा ऐसा अपराध किए जाने के बारे में साक्ष्य प्रदान करेगी, तो ऐसे पुलिस अधिकारी की, जो उप निरीक्षक की पंक्ति से नीचे का न हो, प्रार्थना पर कार्य करने में रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी के लिए और सद्भावपूर्वक उसकी सहायता करने में और उसके निदेशाधीन कार्य करने में किसी व्यक्ति के लिए यह विधिपूर्ण होगा कि वह गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की ऐसी परीक्षा करे जो उन तथ्यों को, जो ऐसा साक्ष्य प्रदान कर सकें, अभिनिश्चित करने के लिए उचित रूप से आवश्यक है और उतना बल प्रयोग करे जितना उस प्रयोजन के लिए उचित रूप से आवश्यक है ।

(2) जब कभी इस धारा के अधीन किसी महिला की शारीरिक परीक्षा की जानी है तो ऐसी परीक्षा केवल किसी महिला द्वारा जो रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी है या उसके पर्यवेक्षण में की जाएगी ।

(3) रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी अविलंब अन्वेषण अधिकारी को परीक्षा रिपोर्ट भेजेगा ।

स्पष्टीकरण—इस धारा में और धारा 52 तथा धारा 53 में—

(क) 'परीक्षा' में खून, खून के धब्बों, सीमन, लैंगिक अपराधों की दशा में स्वाब, थूक और पसीना, बाल के नमूनों और उंगली के नाखून की कतरनों की आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के, जिनके अंतर्गत डी.एन.ए प्रोफाइल करना भी है, प्रयोग द्वारा परीक्षा और ऐसे अन्य परीक्षण, जिन्हें रजिस्ट्रीकृत चिकित्साव्यवसायी किसी विशिष्ट मामले में आवश्यक समझता है, सम्मिलित होंगे ;

(ख) *रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी” से वह चिकित्सा-व्यवसायी अभिप्रेत है, जिसके पास राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के अधीन मान्यताप्राप्त कोई चिकित्सीय अहता है और जिसका नाम इस अधिनियम के अधीन राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर या राज्य चिकित्सा रजिस्टर में प्रविष्ट किया गया है ।

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