दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 5/59 / 534
53पुलिस अधिकारी की प्रार्थना पर चिकित्सा-व्यवसायी द्वारा अभियुक्त की परीक्षा
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 17स्रोत
(1) जब कोई व्यक्ति ऐसा अपराध करने के आरोप में गिरफ्तार किया जाता है जो ऐसी प्रकृति का है और जिसका ऐसी परिस्थितियों में किया जाना अभिकथित है कि यह विश्वास करने के उचित आधार हैं कि उसकी शारीरिक परीक्षा ऐसा अपराध किए जाने के बारे में साक्ष्य प्रदान करेगी, तो ऐसे पुलिस अधिकारी की, जो उप निरीक्षक की पंक्ति से नीचे का न हो, प्रार्थना पर कार्य करने में रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी के लिए और सद्भावपूर्वक उसकी सहायता करने में और उसके निदेशाधीन कार्य करने में किसी व्यक्ति के लिए यह विधिपूर्ण होगा कि वह गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की ऐसी परीक्षा करें जो उन तथ्यों को, जो ऐसा साक्ष्य प्रदान कर सकें, अभिनिश्चित करने के लिए उचित रूप से आवश्यक है और उतना बल प्रयोग करे जितना उस प्रयोजन के लिए उचित रूप से आवश्यक है ।
(2) जब कभी इस धारा के अधीन किसी स्त्री की शारीरिक परीक्षा की जानी है तो ऐसी परीक्षा केवल किसी महिला द्वारा जो रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी है या उसके पर्यवेक्षण में की जाएगी ।
[स्पष्टीकरण—इस धारा में और धारा 53क और धारा 54 में—
(क) “परीक्षा” में खून, खून के धब्बों, सीमन, लैंगिक अपराधों की दशा में सुआब, थूक और स्वाब, बाल के नमूनों और उंगली के नाखून की कतरनों की आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के, जिनके अंतर्गत डी.एन.ए प्रोफाइल करना भी है, प्रयोग द्वारा परीक्षा और ऐसे अन्य परीक्षण, जिन्हें रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी किसी विशिष्ट मामले में आवश्यक समझता है, सम्मिलित होंगे ;
(ख) “रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी” से वह चिकित्सा-व्यवसायी अभिप्रेत है, जिसके पास भारतीय चिकित्सा परिषद् अधिनियम, 1956 (1956 का 102) की धारा 2 के खंड (ज) में यथापरिभाषित कोई चिकित्सीय अर्हता है और जिसका नाम राज्य चिकित्सा रजिस्टर में प्रविष्ट किया गया है ।]
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- 2005 के अधिनियम सं० 25 की धारा 8 द्वारा स्पष्टीकरण के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
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