भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 7/96 / 531
96तलाशी-वारंट कब जारी किया जा सकेगा
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 191–192स्रोत
(1) जहां—
(क) किसी न्यायालय को यह विश्वास करने का कारण है कि वह व्यक्ति, जिसको धारा 94 के अधीन समन या आदेश या धारा 95 की उपधारा (1) के अधीन अपेक्षा संबोधित की गई है या की जाती है, ऐसे समन या अपेक्षा द्वारा यथा अपेक्षित दस्तावेज या चीज प्रस्तुत नहीं करेगा या हो सकता है कि प्रस्तुत न करे ; या
(ख) ऐसी दस्तावेज या चीज के बारे में न्यायालय को यह ज्ञात नहीं है कि वह किसी व्यक्ति के कब्जे में है ; या
(ग) न्यायालय यह समझता है कि इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही के प्रयोजनों की पूर्ति साधारण तलाशी या निरीक्षण से होगी,
वहां वह तलाशी-वारंट जारी कर सकेगा ; और वह व्यक्ति, जिसे ऐसा वारंट निदेशित है, उसके अनुसार और इसमें इसके पश्चात् अंतर्विष्ट उपबंधों के अनुसार तलाशी ले सकेगा या निरीक्षण कर सकेगा ।
(2) यदि, न्यायालय ठीक समझता है, तो वह वारंट में उस विशिष्ट स्थान या उसके भाग को विनिर्दिष्ट कर सकेगा और केवल उसी स्थान या भाग की तलाशी या निरीक्षण होगा ; तथा वह व्यक्ति, जिसको ऐसे वारंट के निष्पादन का भार सौंपा जाता है, केवल उसी स्थान या भाग की तलाशी लेगा या निरीक्षण करेगा, जो ऐसे विनिर्दिष्ट है ।
(3) इस धारा की कोई बात जिला मजिस्ट्रेट या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से भिन्न किसी मजिस्ट्रेट को डाक प्राधिकारी की अभिरक्षा में किसी दस्तावेज, पार्सल या अन्य चीज की तलाशी के लिए वारंट जारी करने के लिए प्राधिकृत नहीं करेगी ।
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