भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 7/98 / 531
98कुछ प्रकाशनों के जब्त होने की घोषणा करने और उनके लिए तलाशी-वारंट जारी करने की शक्ति
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 193स्रोत
(1) जहां, राज्य सरकार को प्रतीत होता है कि—
(क) किसी समाचारपत्र या पुस्तक में ; या
(ख) किसी दस्तावेज में,
चाहे वह कहीं भी मुद्रित हुई हो, कोई ऐसी बात अंतर्विष्ट है जिसका प्रकाशन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 152 या धारा 196 या धारा 197 या धारा 294 या धारा 295 या धारा 299 के अधीन दंडनीय है, वहां राज्य सरकार, ऐसी बात अंतर्विष्ट करने वाले समाचारपत्र के अंक की प्रत्येक प्रति का और ऐसी पुस्तक या अन्य दस्तावेज की प्रत्येक प्रति का सरकार के पक्ष में जब्त कर लिए जाने की घोषणा, अपनी राय के आधारों का कथन करते हुए, अधिसूचना द्वारा कर सकेगी और तब भारत में, जहां भी वह मिले, कोई भी पुलिस अधिकारी उसे अभिगृहीत कर सकेगा और कोई मजिस्ट्रेट, उपनिरीक्षक से अनिम्न पंक्ति के किसी पुलिस अधिकारी को, किसी ऐसे परिसर में, जहां ऐसे किसी अंक की कोई प्रति या ऐसी कोई पुस्तक या अन्य दस्तावेज है या उसके होने का उचित संदेह है, प्रवेश करने और उसके लिए तलाशी लेने के लिए वारंट द्वारा प्राधिकृत कर सकेगा ।
(2) इस धारा में और धारा 99 में—
(क) “समाचारपत्र” और “पुस्तक” के वे ही अर्थ होंगे, जो प्रेस और पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1867 में हैं :
(ख) “दस्तावेज” के अंतर्गत रंगचित्र, रेखाचित्र या फोटोचित्र या अन्य दृश्यरूपण भी हैं ।
(3) इस धारा के अधीन पारित किसी आदेश या की गई किसी कार्रवाई को किसी न्यायालय में धारा 99 के उपबंधों के अनुसार ही प्रश्नगत किया जाएगा, अन्यथा नहीं ।
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