भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 6/109 / 185
95विद्यमान तथ्यों के सदंर्भ में अर्थहीन दस्तावेज के बारे में साक्ष्य
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
जब कि दस्तावेज में प्रयुक्त भाषा स्वयं स्पष्ट हो किंतु विद्यमान तथ्यों के सदंर्भ में अर्थहीन हो, तो यह दर्शित करने के लिए साक्ष्य दिया जा सकेगा कि वह एक विशिष्ट भाव में प्रयुक्त की गई थी ।
दृष्टांत
ख को क “मेरा कलकत्ते का गृह” विलेख द्वारा बेचता है ।
क का कलकत्ते में कोई गृह नहीं था किन्तु यह प्रतीत होता है कि उसका हावड़ा में एक गृह था जो विलेख के निष्पादन के समय से ख के कब्जे में था ।
इन तथ्यों को यह दर्शित करने के लिए साबित किया जा सकेगा कि विलेख का सम्बन्ध हावड़ा के गृह से था ।
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