भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 6/112 / 185
98न पढ़ी जा सकने वाली लिपि आदि के अर्थ के बारे में साक्ष्य
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
ऐसी लिपि का, जो पढ़ी न जा सके या सामान्यतः समझी न जाती हो, विदेशी, अप्रचलित, पारिभाषिक, स्थानिक और प्रान्तीय शब्द प्रयोगों का, संक्षेपाक्षरों का और विशिष्ट भाव में प्रयुक्त शब्दों का अर्थ दर्शित करने के लिए साक्ष्य दिया जा सकेगा ।
दृष्टांत
एक मूर्तिकार, क “मेरी सभी प्रतिमाएं” ख को बेचने का करार करता है । क के पास प्रतिमान और प्रतिमा बनाने के औजार भी हैं । यह दर्शित कराने के लिए कि वह किसे बेचने का अभिप्रायः रखता था साक्ष्य दिया जा सकेगा ।
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