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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 6/113 / 185

99दस्तावेज के निबन्धनों में फेरफार करने वाले करार का साक्ष्य कौन दे सकेगा

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 33

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

बीएसए से मिलान जल्द

1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।

वे व्यक्ति जो किसी दस्तावेज के पक्षकार या उनके हित प्रतिनिधि नहीं हैं, ऐसे किन्हीं भी तथ्यों का साक्ष्य दे सकेंगे, जो दस्तावेज के निबन्धनों में फेरफार करने वाले किसी समकालीन करार को दर्शित करने की प्रवृत्ति रखते हों ।

दृष्टांत

क और ख लिखित संविदा करते हैं कि क को कुछ कपास ख बेचेगा जिसके लिए संदाय कपास के परिदान किए जाने पर किया जाएगा । उसी समय वे एक मौखिक करार करते हैं कि क को तीन मास का प्रत्यय दिया जाएगा । क और ख के बीच यह तथ्य दर्शित नहीं किया जा सकता था किन्तु यदि यह ग के हित पर प्रभाव डालता है, तो यह ग द्वारा दर्शित किया जा सकेगा ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।