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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 6/128 / 570

121भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करना या युद्ध करने का प्रयत्न करना या युद्ध करने का दुष्प्रेरण करना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 22स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जो कोई [भारत सरकार] के विरुद्ध युद्ध करेगा, या ऐसा युद्ध करने का प्रयत्न करेगा या ऐसा युद्ध करने का दुष्प्रेरण करेगा, वह मृत्यु या [आजीवन कारावास] से दंडित किया जाएगा [और जुर्माने से भी दंडनीय होगा] ।

[दृष्टांत]

*** क [भारत सरकार] के विरुद्ध विप्लव में सम्मिलित होता है । क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है ।

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संशोधन टिप्पणियां

  1. 1955 के अधिनियम सं० 26 की धारा 117 और अनुसूची द्वारा “आजीवन निर्वासन” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  2. विधि अनुकूलन आदेश, 1950 द्वारा “क्वीन” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  3. 1921 के अधिनियम सं० 16 की धारा 2 द्वारा “और उसकी समस्त संपत्ति समपहृत कर लेगा” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  4. 1957 के अधिनियम सं० 36 की धारा 3 और अनुसूची 2 द्वारा “दृष्टांत” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  5. 1957 के अधिनियम सं० 36 की धारा 3 और अनुसूची 2 द्वारा “(क)” कोष्ठकों और अक्षर का लोप किया गया ।
  6. विधि अनुकूलन आदेश, 1950 द्वारा दृष्टांत (ख) का लोप किया गया ।

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