भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 6/132 / 570
124किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करने या उसका प्रयोग अवरोधित करने के आशय से राष्ट्रपति, राज्यपाल आदि पर हमला करना
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
जो कोई भारत के [राष्ट्रपति] या किसी [राज्य] *** कक कक के [राज्यपाल ***ु को ऐसे [राष्ट्रपति या [राज्यपाल ***]] की विधिपूर्ण शक्तियों में से किसी शक्ति का किसी प्रकार प्रयोग करने के लिए या प्रयोग करने से विरत रहने के लिए उत्प्रेरित करने या विवश करने के आशय से, ऐसे [राष्ट्रपति या [राज्यपाल ***]] पर हमला करेगा या उसका सदोष अवरोध करेगा, या सदोष अवरोध करने का प्रयत्न करेगा या उसे आपराधिक बल द्वारा या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा आतंकित करेगा या ऐसे आतंकित करने का प्रयत्न करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी, दंडनीय होगा ।
संशोधन टिप्पणियां
- विधि अनुकूलन आदेश, 1950 द्वारा “गवर्नर जनरल” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
- विधि अनुकूलन आदेश, 1950 द्वारा “प्रांतीय” के स्थान पर प्रतिस्थापित । जिसे भारत शासन (भारतीय विधि अनुकूलन) आदेश, 1937 द्वारा “प्रेसिडेन्सी” के स्थान पर प्रतिस्थापित किया गया था ।
- भारत शासन (भारतीय विधि अनुकूलन) आदेश, 1937 द्वारा “या लेफ्टिनेन्ट गवर्नर” शब्दों का लोप किया गया ।
- भारतीय स्वतंत्रता (केन्द्रीय अधिनियम तथा अध्यादेश अनुकूलन) आदेश, 1948 द्वारा “या भारत के गवर्नर जनरल की परिषद् के किसी सदस्य” शब्दों का लोप किया गया।
- भारत शासन (भारतीय विधि अनुकूलन) आदेश, 1937 द्वारा “या किसी प्रेसिडेन्सी की परिषद्” शब्दों का लोप किया गया ।
- 1951 के अधिनियम सं० 3 की धारा 3 द्वारा “गवर्नर” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
- विधि अनुकूलन (सं० 2) आदेश, 1956 द्वारा “या राजप्रमुख” शब्दों का लोप किया गया ।
- “गवर्नर जनरल, गवर्नर, लेफ्टीनेन्ट गवर्नर, या परिषद् के सदस्य” मूल शब्दों का संशोधन अनुक्रमशः भारत शासन (भारतीय विधि अनुकूलन) आदेश, 1937, भारतीय स्वतंत्रता (केन्द्रीय अधिनियम तथा अध्यादेश अनुकूलन) आदेश, 1948 और विधि अनुकूलन आदेश, 1950 द्वारा किया गया है ।
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