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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 7/149 / 570

139कुछ अधिनियमों के अध्यधीन व्यक्ति

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 26स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

कोई व्यक्ति, जो [आर्मी ऐक्ट, [सेना अधिनियम, 1950, (1950 का 46)], नेवल डिसिप्लिन ऐक्ट, [ *** इंडियन नेवी (डिसिप्लिन) ऐक्ट, 1934 (1934 का 34)], [एअर फोर्स ऐक्ट या [वायुसेना अधिनियम, 1950 (1950 का 45)]]] के अध्यधीन है, इस अध्याय में परिभाषित अपराधों में से किसी के लिए इस संहिता के अधीन दंडनीय नहीं है ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 1927 के अधिनियम सं० 10 की धारा 2 और अनुसूची 1 द्वारा “क्वीन की सेना या नौसेना या ऐसी सेना या नौसेना के किसी भी भाग के लिए किन्हीं युद्ध नियमों” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  2. 1951 के अधिनियम सं० 3 की धारा 3 और अनुसूची द्वारा “भारतीय सेना अधिनियम, 1911” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  3. 1934 के अधिनियम सं० 35 की धारा 2 और अनुसूची द्वारा अंतःस्थापित ।
  4. विधि अनुकूलन आदेश, 1950 द्वारा “वह अधिनियम द्वारा उपान्तरित” शब्दों का लोप किया गया ।
  5. अब नौसेना अधिनियम, 1957 (1957 का 62) देखिए ।
  6. 1932 के अधिनियम सं० 14 की धारा 130 और अनुसूची द्वारा “या वायुसेना अधिनियम,” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  7. 1951 के अधिनियम सं० 3 की धारा 3 और अनुसूची द्वारा “भारतीय वायुसेना अधिनियम, 1932” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।

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