भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 7/150 / 570
140सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली पोशाक पहनना या टोकन धारण करना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 26स्रोत
यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
जो कोई [भारत सरकार] की सेन्य, [नाविक या वायुसेना का सैनिक], [नौसैनिक या वायुसैनिक] न होते हुए, इस आशय से कि यह विश्वास किया जाए कि वह ऐसा सैनिक, [नौसैनिक या वायुसैनिक] है, ऐसी कोई पोशाक पहनेगा या ऐसा टोकन धारण करेगा जो ऐसे सैनिक, [नौसैनिक या वायुसैनिक] द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली पोशाक या टोकन के सदृश हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
संशोधन टिप्पणियां
- विधि अनुकूलन आदेश, 1950 द्वारा “क्वीन” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
- 1927 के अधिनियम सं० 10 की धारा 2 और अनुसूची 1 द्वारा “या नौसैनिक” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
- 1927 के अधिनियम सं० 10 की धारा 2 और अनुसूची 1 द्वारा “या नाविक” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।