भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 14/307 / 570
278वायुमण्डल को स्वास्थ्य के लिए अपायकर बनाना
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
जो कोई किसी स्थान के वायुमण्डल को स्वेच्छया इस प्रकार दूषित करेगा कि वह जनसाधारण के स्वास्थ्य के लिए, जो पड़ोस में निवास या कारबार करते हों, या लोक मार्ग से आते जाते हों अपायकर बन जाए, वह जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा ।
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