भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 14/322 / 570
293तरुण व्यक्ति को अश्लील वस्तुओं का विक्रय, आदि
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 54स्रोत
यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
जो कोई बीस वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति को कोई ऐसी अश्लील वस्तु, जो अंतिम पूर्वगामी धारा में निर्दिष्ट है, बेचेगा, भाड़े पर देगा, वितरण करेगा, प्रदर्शित करेगा या परिचालित करेगा या ऐसा करने की प्रस्थापना या प्रयत्न करेगा [प्रथम दोषसिद्धि पर दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, और जुर्माने से, जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा, तथा द्वितीय या पश्चात्वर्ती दोषसिद्धि की दशा में दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माने से भी, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा ।]]
संशोधन टिप्पणियां
- 1969 के अधिनियम सं० 36 की धारा 2 द्वारा कतिपय शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
- 1925 के अधिनियम सं० 8 की धारा 2 द्वारा मूल धारा के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
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