भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 2/18 / 531
18लोक अभियोजक
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 163–165स्रोत
(1) प्रत्येक उच्च न्यायालय के लिए, केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार उस उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात्, यथास्थिति, केंद्रीय या राज्य सरकार की ओर से ऐसे न्यायालय में किसी अभियोजन, अपील या अन्य कार्यवाही के संचालन के लिए एक लोक अभियोजक नियुक्त करेगी और एक या अधिक अपर लोक अभियोजक भी नियुक्त कर सकेगी :
परंतु राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र दिल्ली के संबंध में, केंद्रीय सरकार दिल्ली उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात्, इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजकों की नियुक्ति करेगी ।
(2) केंद्रीय सरकार, किसी जिले या स्थानीय क्षेत्र में किसी मामले का संचालन करने के प्रयोजनों के लिए एक या अधिक लोक अभियोजक नियुक्त कर सकेगी ।
(3) राज्य सरकार, प्रत्येक जिले के लिए, एक लोक अभियोजक नियुक्त करेगी और जिले के लिए एक या अधिक अपर लोक अभियोजक भी नियुक्त कर सकेगी :
परंतु एक जिले के लिए नियुक्त किया गया लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजक, किसी अन्य जिले के लिए भी, यथास्थिति, लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजक नियुक्त किया जा सकेगा ।
(4) जिला मजिस्ट्रेट, सेशन न्यायाधीश के परामर्श से, ऐसे व्यक्तियों के नामों का एक पैनल तैयार करेगा जो उसकी राय में, उस जिले के लिए लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजक नियुक्त किए जाने के योग्य हैं ।
(5) कोई व्यक्ति, राज्य सरकार द्वारा जिले के लिए लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजक तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा जब तक कि उसका नाम उपधारा (4) के अधीन जिला मजिस्ट्रेट द्वारा तैयार किए गए नामों के पैनल में न हो ।
(6) उपधारा (5) में किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी राज्य में अभियोजन अधिकारियों का नियमित काडर है वहां राज्य सरकार, ऐसा काडर गठित करने वाले व्यक्तियों में से ही लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजक नियुक्त करेगी :
परंतु जहां, राज्य सरकार की राय में ऐसे काडर में से कोई उपयुक्त व्यक्ति ऐसी नियुक्ति के लिए उपलब्ध नहीं है वहां वह सरकार उपधारा (4) के अधीन जिला मजिस्ट्रेट द्वारा तैयार किए गए नामों के पैनल में से, यथास्थिति, लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजक के रूप में किसी व्यक्ति को नियुक्त कर सकेगी ।
स्पष्टीकरण—इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) “अभियोजन अधिकारियों का नियमित काडर” से अभियोजन अधिकारियों का वह काडर अभिप्रेत है, जिसमें लोक अभियोजक का पद चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो, सम्मिलित है, और जिसमें सहायक लोक अभियोजक की, चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो, प्रोन्नति के लिए उपबंध किया गया है,;
(ख) “अभियोजन अधिकारी” से इस संहिता के अधीन लोक अभियोजक, विशेष लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक या सहायक लोक अभियोजक के कृत्यों का पालन करने के लिए नियुक्त किया गया व्यक्ति अभिप्रेत है, चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो ।
(7) कोई व्यक्ति उपधारा (1) या उपधारा (2) या उपधारा (3) या उपधारा (6) के अधीन लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजक नियुक्त किए जाने का पात्र तभी होगा जब वह कम से कम सात वर्ष तक अधिवक्ता के रूप में विधि व्यवसाय करता रहा हो ।
(8) केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार किसी मामले या किसी वर्ग के मामलों के प्रयोजनों के लिए किसी व्यक्ति को, जो अधिवक्ता के रूप में कम से कम दस वर्ष तक विधि व्यवसाय करता रहा हो, विशेष लोक अभियोजक नियुक्त कर सकेगी :
परंतु न्यायालय इस उपधारा के अधीन पीड़ित को, अभियोजन की सहायता करने के लिए अपनी पसंद का अधिवक्ता रखने के लिए अनुज्ञात कर सकेगा ।
(9) उपधारा (7) और उपधारा (8) के प्रयोजनों के लिए, वह अवधि, जिसके दौरान किसी व्यक्ति ने अधिवक्ता के रूप में विधि व्यवसाय किया है या लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजक या सहायक लोक अभियोजक या अन्य अभियोजन अधिकारी के रूप में, चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो, सेवा की है (चाहे इस संहिता के प्रारंभ के पहले या पश्चात्) यह समझा जाएगा कि वह ऐसी अवधि है जिसके दौरान ऐसे व्यक्ति ने अधिवक्ता के रूप में विधि व्यवसाय किया है ।
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