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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 2/8 / 531

8सेशन न्यायालय

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 160स्रोत

(1) राज्य सरकार, प्रत्येक सेशन खंड के लिए एक सेशन न्यायालय स्थापित करेगी ।

(2) प्रत्येक सेशन न्यायालय में एक न्यायाधीश पीठासीन होगा, जो उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त किया जाएगा ।

(3) उच्च न्यायालय, अपर सेशन न्यायाधीशों को भी सेशन न्यायालय में अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए नियुक्त कर सकता है ।

(4) उच्च न्यायालय द्वारा एक सेशन खंड के सेशन न्यायाधीश को दूसरे खंड का अपर सेशन न्यायाधीश भी नियुक्त किया जा सकेगा और ऐसी दशा में, वह मामलों को निपटाने के लिए दूसरे खंड के ऐसे स्थान या स्थानों में बैठ सकेगा, जिनका उच्च न्यायालय निदेश दे ।

(5) जहां किसी सेशन न्यायाधीश का पद रिक्त होता है वहां उच्च न्यायालय किसी अति-आवश्यक आवेदन के, जो ऐसे सेशन न्यायालय के समक्ष किया जाता है या लंबित है, किसी अपर सेशन न्यायाधीश द्वारा या यदि अपर सेशन न्यायाधीश नहीं है तो सेशन खंड के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा, निपटाए जाने के लिए व्यवस्था कर सकेगा और ऐसे प्रत्येक न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को ऐसे आवेदन पर कार्यवाही करने की अधिकारिता होगी ।

(6) सेशन न्यायालय सामान्यतः अपनी बैठक ऐसे स्थान या स्थानों पर करेगा जो उच्च न्यायालय अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे ; किंतु यदि किसी विशेष मामले में, सेशन न्यायालय की यह राय है कि सेशन खंड में किसी अन्य स्थान में बैठक करने से पक्षकारों और साक्षियों को सुविधा होगी तो वह, अभियोजन और अभियुक्त की सहमति से उस मामले को निपटाने के लिए या उसमें किसी साक्षी या साक्षियों की परीक्षा करने के लिए उस स्थान पर बैठक कर सकेगा ।

(7) सेशन न्यायाधीश समय-समय पर ऐसे अपर सेशन न्यायाधीशों के बीच कार्य के वितरण के संबंध में इस संहिता से संगत आदेश दे सकेगा ।

(8) सेशन न्यायाधीश, अपनी अनुपस्थिति या कार्य करने में असमर्थता की दशा में, किसी अति-आवश्यक आवेदन के, अपर सेशन न्यायाधीश द्वारा या यदि कोई अपर सेशन न्यायाधीश न हो तो, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा, निपटाए जाने के लिए भी व्यवस्था कर सकता है ; और यह समझा जाएगा कि ऐसे न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को ऐसे आवेदन पर कार्यवाही करने की अधिकारिता है ।

स्पष्टीकरण—इस संहिता के प्रयोजनों के लिए “नियुक्ति” के अंतर्गत सरकार द्वारा संघ या किसी राज्य के कार्यकलापों के संबंध में किसी सेवा या पद पर किसी व्यक्ति की प्रथम नियुक्ति, तैनाती या प्रोन्नति नहीं है, जहां किसी विधि के अधीन ऐसी नियुक्ति, तैनाती या प्रोन्नति सरकार द्वारा किए जाने के लिए अपेक्षित है ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।