भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 9/137 / 185
119साक्षी का मौखिक रूप से संसूचित करने में असमर्थ होना
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
ऐसा कोई साक्षी, जो बोलने में असमर्थ है, ऐसी किसी अन्य रीति में, जिसमें वह उसे बोधगम्य बना सकता है जैसे कि लिखकर या संकेत चिह्नों द्वारा, अपना साक्ष्य दे सकेगा; किंतु ऐसा लेखन और संकेत चिह्न खुले न्यायालय में लिखे और किए जाने चाहिए तथा इस प्रकार दिया गया साक्ष्य मौखिक साक्ष्य माना जाएगा :
परंतु यदि साक्षी मौखिक रूप से संसूचित करने में असमर्थ है तो न्यायालय कथन अभिलिखित करने में किसी द्विभाषिए या विशेष प्रबोधक की सहायता लेगा और ऐसे कथन की वीडियो फिल्म तैयार की जा सकेगी ।]
संशोधन टिप्पणियां
- 2013 के अधिनियम सं० 13 की धारा 27 द्वारा (3-2-2013 से) प्रतिस्थापित ।
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