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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 9/147 / 185

129विधि सलाहकारों से गोपनीय संसूचनाएं

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यह धारा बदल दी गई है

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

बीएसए से मिलान जल्द

1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।

कोई भी व्यक्ति किसी गोपनीय संसूचना को, जो उसके और उसके विधि-वृत्तिक सलाहकार के बीच हुई है, न्यायालय को प्रकट करने के लिए विवश नहीं किया जाएगा, जब तक कि वह अपने को साक्षी के तौर पर पेश न कर दे; ऐसे पेश करने की दशा में किन्हीं भी ऐसी संसूचनाओं को, जिन्हें उस किसी साक्ष्य को स्पष्ट करने के लिए जानना, जो उसने दिया है, न्यायालय को आवश्यक प्रतीत हो, प्रकट करने के लिए विवश किया जा सकेगा किन्तु किन्हीं भी अन्य संसूचनाओं को नहीं ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।