भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 9/150 / 185
132इस आधार पर कि उत्तर उसे अपराध में फंसाएगा, साक्षी उत्तर देने से क्षम्य न होगा
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
कोई साक्षी किसी वाद या किसी सिविल या दाण्डिक कार्यवाही में विवाद्यक विषय से सुसंगत किसी विषय के बारे में किए गए किसी प्रश्न का उत्तर देने से इस आधार पर क्षम्य नहीं होगा कि ऐसे प्रश्न का उत्तर ऐसे साक्षी को अपराध में फंसाएगा या उसकी प्रवृत्ति प्रत्यक्षतः या परोक्षतः अपराध में फंसाने की होगी अथवा वह ऐसे साक्षी को किसी किस्म की शास्ति या समपहरण के लिए उच्छन्न करेगा या इसकी प्रवृत्ति प्रत्यक्षतः या परोक्षतः उच्छन्न करने की होगी :
परन्तुक—परन्तु ऐसा कोई भी उत्तर, जिसे देने के लिए कोई साक्षी विवश किया जाएगा उसे गिरफ्तारी या अभियोजन के अध्यधीन नहीं करेगा और न ऐसे उत्तर द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने के लिए अभियोजन में के सिवाय वह उसके विरुद्ध किसी दाण्डिक कार्यवाही में साबित किया जाएगा ।
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