भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 9/148 / 185
130जो साक्षी पक्षकार नहीं है उसके हक-विलेखों का पेश किया जाना
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
कोई भी साक्षी, जो वाद का पक्षकार नहीं है, किसी सम्पत्ति सम्बन्धी अपने हक-विलेखों को, या किसी ऐसी दस्तावेज को, जिसके बल पर वह गिरवीदार या बन्धकदार के रूप में कोई सम्पत्ति धारण करता है, या किसी दस्तावेज को, जिसका पेशकरण उसे अपराध में फंसाने की प्रवृत्ति रखता है, पेश करने के लिए विवश नहीं किया जाएगा, जब तक कि उसने ऐसे विलेखों के पेशकरण की ईप्सा रखने वाले व्यक्ति के साथ, या ऐसे किसी व्यक्ति के साथ जिससे व्युत्पन्न अधिकार से वह व्यक्ति दावा करता है, उन्हें पेश करने का लिखित करार न कर लिया हो ।
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