भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 2/20 / 570
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
“न्यायालय” शब्द उस न्यायाधीश का, जिसे अकेले ही को न्यायिकतः कार्य करने के लिए विधि द्वारा सशक्त किया गया हो, या उस न्यायाधीश-निकाय का, जिसे एक निकाय के रूप में न्यायिकतः कार्य करने के लिए विधि द्वारा सशक्त किया गया हो, जबकि ऐसा न्यायाधीश या न्यायाधीश-निकाय न्यायिकतः कार्य कर रहा हो, द्योतक है ।
दृष्टांत
मद्रास संहिता के सन् 1816 के विनियम 7 के अधीन कार्य करने वाली पंचायत, जिसे वादों का विचारण करने और अवधारण करने की शक्ति प्राप्त है, न्यायालय है ।
संशोधन टिप्पणियां
- मद्रास सिविल न्यायालय अधिनियम, 1873 (1873 का 3) द्वारा निरसित ।
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